रानीखेत से लापता नाबालिग किशोरी 24 घंटे में बरामद, 26 वर्षीय युवक गिरफ्तार

अल्मोड़ा। रानीखेत से लापता हुई नाबालिग किशोरी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में एक 26 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। किशोरी को अल्मोड़ा के खोल्टा क्षेत्र स्थित आरोपी के किराये के कमरे से बरामद किया गया। किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
घर से बिना बताए चली गई थी किशोरी
पुलिस के अनुसार, नौ अगस्त को रानीखेत निवासी गिरीश राम ने कोतवाली रानीखेत में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी एक दिन पहले बिना बताए घर से चली गई है और उसका कहीं पता नहीं चल रहा है।
तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज की और किशोरी की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके ने पुलिस टीमों को किशोरी की जल्द तलाश कर सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए।
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिले सुराग
एसएसपी के निर्देश पर सीओ अल्मोड़ा/रानीखेत बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीखेत भुवन चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया।
टीमों ने रानीखेत, मजखाली और खैरना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा संभावित ठिकानों और होटलों में भी किशोरी की तलाश की गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से भी जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने दिनेश चंद्र (26) पुत्र मोहन राम, निवासी ग्राम कयाला, हवालबाग, अल्मोड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपी के किराये के कमरे से मिली किशोरी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर 10 अगस्त को अल्मोड़ा के खोल्टा क्षेत्र में स्थित उसके किराये के कमरे में दबिश दी गई। यहां से नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले में किशोरी के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ाईं
पुलिस के अनुसार, किशोरी के बयानों के आधार पर मामले में पहले दर्ज धारा 140(3) बीएनएस में संशोधन करते हुए धारा 137(2), 64(1) बीएनएस और धारा 5/6 पॉक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक हेमा कार्की, हेड कांस्टेबल जितेंद्र बिष्ट, कांस्टेबल कमल गोस्वामी, एसओजी कांस्टेबल राजेश भट्ट और महिला कांस्टेबल रितु कोरंगा शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नाबालिग की सकुशल बरामदगी को प्राथमिकता देते हुए टीम ने सीसीटीवी, सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर तेजी से कार्रवाई की।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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