विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत नोटिस सुनवाई की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश

नैनीताल 10 जुलाई, 2026 भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम द्वारा Special Intensive Revision-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन रखने के उद्देश्य से नोटिस सुनवाई की रणनीति पर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में प्रदेश के जिलाधिकारियों और कुमाऊं व गढ़वाल मंडल के मंडलायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त उत्तराखंड ने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जनपद अंतर्गत सार्वजनिक सुनवाई हेतु प्रत्येक बूथ/ग्राम के लिए अलग-अलग नोटिस, कार्यालय स्थान, इंटरनेट कनेक्शन व कंप्यूटर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पावर बैकअप, डेटा एंट्री ऑपरेटर सहित सहायक स्टाफ की तैनाती करवाएंगे और सुन सुनवाई हेतु आए मतदाताओं के बैठने, पेयजल, शौचालय व उपस्थिति रजिस्टर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना के लिए निर्देशित किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड – डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रत्येक ERO/AERO/अतिरिक्त AERO पूरे माह के लिए नोटिस सुनवाई का एक निश्चित समय निर्धारित करेंगे। नोटिसों के वितरण, मध्यस्थों के माध्यम से डिलीवरी, प्राप्ति रसीद एवं दस्तावेजों के रख-रखाव के लिए स्पष्ट प्रणाली तैयार करेंगे। SIR-2026 के अंतर्गत की जाने वाली सभी कार्यवाहियां समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण की जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड ने बताया कि Beta version के सत्यापन के पश्चात छवि सहित और छवि रहित दोनों प्रकार के AC/Partवार ड्राफ्ट PDF तैयार किए जाएं। किसी भी त्रुटि या विसंगति को दूर करने के लिए उचित कार्यवाही की जाए।राजनीतिक दलों को “छवि सहित” PDF उपलब्ध कराते हुए, प्रिंटिंग हेतु स्पेशल वेंडर को PDF उपलब्ध कराया जाए।

नोटिस सुनवाई के लिए मतदाताओं की संख्या व भौगोलिक स्थिति के आधार पर क्लस्टर बनाए जाएं। 2 से 4 मतदान केंद्रों को मिलाकर सुनवाई स्थल निर्धारित किया जाए। ERO/AERO द्वारा पूरे माह के लिए सुनवाई का निश्चित समय तय किया जाए। ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में Special Intensive Revision-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु आज नोटिस सुनवाई की रणनीति पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची को शुद्ध, समावेशी और त्रुटिरहित बनाने पर बल दिया गया। अनमैप्ड मतदाता विसंगतियों वाले मैप्ड मतदाता दावे एवं आपत्ति के मामलों में नोटिस ECI Net पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे। ग्रामीण/दूरस्थ/पहाड़ी क्षेत्रों के मतदाताओं को सुनवाई के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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