पूर्व IAS दीपेंद्र चौधरी बने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त
फरवरी में सचिव पद से हुए थे सेवानिवृत्त, लंबा प्रशासनिक अनुभव होने का मिला लाभ


देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी दीपेंद्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का आयुक्त नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
फरवरी में सचिव पद से हुए थे सेवानिवृत्त
दीपेंद्र चौधरी इसी वर्ष फरवरी में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने उत्तराखंड शासन और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। शासन-प्रशासन के कामकाज का लंबा अनुभव होने के कारण उन्हें सेवा का अधिकार आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आम लोगों को समयबद्ध सेवाएं दिलाने में अहम भूमिका
उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सरकार की ओर से निर्धारित सेवाएं तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को प्रभावी बनाना है। आयोग के आयुक्त के रूप में दीपेंद्र चौधरी के सामने सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
प्रशासनिक अनुभव आएगा काम
दीपेंद्र चौधरी ने राज्य में लंबे समय तक प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया है। शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की गहरी समझ को देखते हुए उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव से आयोग के कामकाज को मजबूती मिलेगी और सेवा का अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
पदभार ग्रहण करने के साथ शुरू होगी नई जिम्मेदारी
सरकार के आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। अब उनके पदभार संभालने के बाद आयोग से जुड़ी आगामी कार्ययोजना और प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी।







