मंदिर ट्रस्ट की दुकानों के किराये व स्वामित्व की जांच और प्रशासक नियुक्ति की मांग


काशीपुर। बाबा श्री चंद मंदिर ट्रस्ट चैती चौराहा के स्वामित्व और दुकानों से वसूले जा रहे किराये को लेकर एक बार फिर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता सुनील फुलारा ने कुमाऊं आयुक्त को पत्र भेजकर मंदिर ट्रस्ट पर प्रशासक नियुक्त करने, दुकानों से प्राप्त किराये को राजकोष में जमा कराने और पूर्व में हुई मंदिर ट्रस्ट के स्वामित्व की जांच को पुनः शुरू कराए जाने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2001 में मंदिर ट्रस्ट बनाया गया था। राजस्व विभाग काशीपुर की मिलीभगत से सरकारी भूमि को राजस्व अभिलेखों में मंदिर ट्रस्ट के नाम अंकित किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 दिसंबर 2019 को तत्कालीन एसडीएम काशीपुर को इस संबंध में शिकायत दी गई थी। पत्र के अनुसार मंदिर ट्रस्ट की करीब 35 दुकानों से प्रतिमाह लगभग दो लाख रुपये किराया वसूले जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक तत्कालीन एसडीएम काशीपुर आईएएस आकांक्षा वर्मा के कार्यकाल में मामले की गंभीरता से जांच की गई थी। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों समेत करीब 200 पृष्ठों को संकलित कर जांच पत्रावली में शामिल किया गया था, लेकिन एसडीएम के स्थानांतरण के बाद मामले को आखिर ठंडा बस्ती में क्यों डाल दिया गया 8 वर्ष बीत जाने के उपरांत भी अभी तक कोई ठोस कार्यवाही न किया जाना सरकारी मशीनरी पर प्रश्न चिन्ह लगता है। कुछ लोगों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचने के चलते तो जाँच को लगातार विलंब करके लटकाने का प्रयास किया जा रहा है.
अब शिकायतकर्ता ने कुमाऊं आयुक्त से मामले की पुनः जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक दुकानों से प्राप्त किराये की धनराशि राजकोष में जमा कराई जाए तथा मंदिर ट्रस्ट पर प्रशासक नियुक्त किया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्तमान में उक्त ट्रस्ट विधिक रूप से अस्तित्व में नहीं है।
पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर और उप जिलाधिकारी काशीपुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में शीघ्र कार्रवाई कर जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।








