शादी के नाम पर फंसाने और समझौते के बदले 15 लाख मांगने का आरोप, पुलिस से जांच की मांग


हल्द्वानी। शादी के नाम पर लोगों को कथित तौर पर फंसाने, बाद में मुकदमे दर्ज कराने और समझौते के बदले मोटी रकम मांगने का मामला सामने आया है। समाजसेवी विशाल वर्मा और पूर्व पार्षद प्रत्याशी अंजलि वर्मा ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर एक महिला और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर के मुताबिक रामपुर रोड क्षेत्र निवासी एक युवक का वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा निवासी युवती से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह हुआ था। आरोप है कि वर्ष 2022 में महिला अपने बच्चे और घर के आभूषण लेकर मायके चली गई। इसके बाद उसने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। बताया गया है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
दूसरे व्यक्ति से भी शादी करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त मुकदमे की कार्रवाई के दौरान महिला ने किसी अन्य व्यक्ति से भी विवाह कर लिया। आरोप है कि बाद में वह दूसरे पति के घर से भी नकदी और आभूषण लेकर चली गई। विशाल वर्मा के अनुसार, दूसरे पति ने बाद में पहले पति के परिवार से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने पुलिस को जांच के दौरान यह रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात कही है।
मुकदमा वापस लेने के बदले 15 लाख मांगने का आरोप
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2026 में दूसरे पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मामले को वापस लेने और समझौता करने के बदले कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की गई।
विशाल वर्मा और अंजलि वर्मा ने आरोप लगाया कि महिला, उसके परिजन और कुछ अन्य लोग मिलकर शादी के माध्यम से लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाने और बाद में मुकदमे तथा समझौते के नाम पर धन वसूली का प्रयास कर रहे हैं।
दस्तावेज और रिकॉर्डिंग की जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले में पूर्व में दर्ज मुकदमों, विवाह संबंधी दस्तावेजों, कथित लेनदेन, बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की गहनता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
वहीं, इस मामले में महिला और उसके परिजनों का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही लगाए गए आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल तहरीर के आधार पर पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।






