छह माह से नहीं आई माहवारी, जांच कराई तो गर्भवती निकली 17 वर्षीय किशोरी

नैनीताल। जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी के गर्भवती होने का मामला सामने आने से अस्पताल और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। किशोरी अपनी मां के साथ नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल पहुंची थी। करीब छह माह से माहवारी नहीं आने की शिकायत पर चिकित्सकों ने उसकी अल्ट्रासाउंड जांच कराई। जांच रिपोर्ट में किशोरी के करीब पांच सप्ताह चार दिन की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी तत्काल मल्लीताल कोतवाली पुलिस को दी। हालांकि पुलिस के अस्पताल पहुंचने से पहले ही किशोरी वहां से जा चुकी थी। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
छह माह से नहीं आई थी माहवारी
जानकारी के अनुसार, दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र निवासी किशोरी अपनी मां के साथ बीडी पांडे अस्पताल पहुंची थी। उसने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमा फर्कियाल को बताया कि उसे पिछले करीब छह माह से माहवारी नहीं हुई है। समस्या को देखते हुए चिकित्सक ने आवश्यक जांच के साथ अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद चिकित्सकों को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद अस्पताल स्तर पर उसकी उम्र की भी पुष्टि की गई।
दस्तावेजों से सामने आई नाबालिग होने की बात
अस्पताल प्रबंधन ने पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की। दस्तावेजों के अनुसार किशोरी की उम्र 17 वर्ष आठ माह 23 दिन पाई गई। नाबालिग होने की पुष्टि के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस के अस्पताल पहुंचने से पहले किशोरी वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
बेतालघाट क्षेत्र से जुड़ा है मामला
मल्लीताल कोतवाल राजेंद्र रावत ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से नाबालिग के गर्भवती होने की सूचना मिली है। मामले की जानकारी जुटाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम बेतालघाट थाना क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए मामले की जांच वहीं की पुलिस करेगी।
वहीं, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है।
नाबालिग होने के कारण पुलिस जांच महत्वपूर्ण
किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण मामला संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किशोरी किन परिस्थितियों में गर्भवती हुई। इसके आधार पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और संबंधित विभागों की भूमिका किशोरी की सुरक्षा और मामले की तथ्यात्मक जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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