नैनीताल में दो व्यक्तियों के विरुद्ध जिला बदर आदेश, छह माह के लिए जनपद से निष्कासन

नैनीताल, 12 सितंबर 2026। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट, नैनीताल ललित मोहन रयाल के न्यायालय द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत दो व्यक्तियों के विरुद्ध छह माह की अवधि के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से निष्कासन (जिला बदर) के आदेश पारित किए गए हैं।

दर्ज प्रकरणों का विवरण

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजू सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत सात प्रकरण दर्ज हैं। साथ ही गुंडा नियंत्रण अधिनियम से संबंधित एक प्रकरण का भी अभिलेखों में उल्लेख है।

इसी प्रकार पूरन सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 एवं 506 से संबंधित एक प्रकरण भी दर्ज है।

ये विवरण संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों एवं उपलब्ध अभिलेखों से संबंधित हैं। केवल प्रकरण दर्ज होने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषसिद्ध नहीं माना जा सकता।

जिला मजिस्ट्रेट का प्रशासनिक आदेश

उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट, नैनीताल के न्यायालय द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध छह माह के लिए जिला बदर का प्रशासनिक आदेश पारित किया गया है।

आदेश के अनुसार दोनों व्यक्तियों को निर्धारित अवधि के दौरान जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर निष्कासित रहना होगा, जैसा कि आदेश में निर्धारित किया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रचलित कानूनों के अंतर्गत निरोधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page