ज्योलीकोट में जल संकट पर जल संस्थान का बड़ा एक्शन, 136 परिवारों को 32 हजार लीटर शुद्ध पेयजल वितरित

नैनीताल, 11 सितंबर 2026। ज्योलीकोट परिक्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड जल संस्थान की टीम ने व्यापक अभियान चलाया। विभागीय टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में चार टैंकरों और पिकअप के माध्यम से कुल 32,000 लीटर शुद्ध पेयजल वितरित किया। इस दौरान बेलुवाखान मल्ला, छीड़ा, ज्योली, ज्योलीकोट बाजार, पेट्रोल पंप और बीरभट्टी क्षेत्र के 136 परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया गया।

अभियान के दौरान पेयजल से संबंधित प्राप्त 22 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि विभिन्न स्थानों से पेयजल के सात नमूने एकत्र कर जांच के लिए नैनीताल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए।

टैंकों की सफाई और क्लोरीनेशन से सुधारी गई व्यवस्था

अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में जल संस्थान की टीम ने छीड़ा तोक, ज्योलीकोट बाजार, भल्यूटी और गांजा के मुख्य टैंकों में क्लोरीनेशन कराया। छीड़ा तोक की मुख्य पाइपलाइन में टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की गई और स्थानीय लोगों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

सिमलखेत तोक में 30 किलोलीटर क्षमता वाले टैंक की सफाई, 50 मीटर पाइपलाइन की मरम्मत और फ्लशिंग कार्य पूरा कर पेयजल आपूर्ति सुचारू की गई। वहीं देवलढूंगा स्रोत से ज्योलीकोट तक आने वाली पाइपलाइन की सफाई के बाद पेयजल आपूर्ति भी बहाल कर दी गई।

स्रोतों और पेयजल लाइनों की लगातार निगरानी

डांगर, डाक बंगला, ज्योलीकोट बाजार, गांजा तथा सेंट एंथनी स्कूल टैंक से दोबारा पेयजल नमूने लिए गए। शिकायत के आधार पर चोपड़ा गांव के नौले की सफाई और क्लोरीनेशन कराया गया। ज्योलीकोट की पेयजल व्यवस्था के लिए दुर्गापुर स्थित स्रोत की भी सफाई की गई है, जबकि स्रोत की मरम्मत का कार्य जारी है।

इसके अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से संबंधित 100 मीटर मुख्य सीवर लाइन को बाईपास करने का कार्य भी प्रगति पर है।

दूषित पानी से बचाव को लेकर लोगों को किया जागरूक

ज्योलीकोट बाजार, छीड़ा और बीरभट्टी क्षेत्र में लोगों को दूषित पेयजल से होने वाले संभावित संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया। सार्वजनिक स्थानों पर फ्लैक्सी और पंपलेट चस्पा कर लोगों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल के उपयोग तथा दूषित जल से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।

जल संस्थान की इस कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू करने के साथ-साथ जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए निगरानी और स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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