हल्द्वानी जनसुनवाई में दीपक रावत ने सुनीं फरियादें, कई मामलों का मौके पर निस्तारण
कमोला में जमीन के दाखिल-खारिज के लिए 15 दिन की मोहलत, बैंक ऋण के ₹2.60 लाख जमा करने के निर्देश

हल्द्वानी, 24 अक्टूबर। आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई कर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। भूमि विवाद, धनराशि के लेनदेन, कार्मिकों की बहाली, विद्युत संयोजन, भरण-पोषण और श्रम विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने से जुड़े मामलों में सुनवाई करते हुए उन्होंने अधिकांश प्रकरणों का दोनों पक्षों की सहमति से समाधान कराया।
जमीन के दाखिल-खारिज के लिए 15 दिन की समय-सीमा
जनसुनवाई में भगवती देवी ने बताया कि उन्होंने कमोला में एक प्लॉट खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री हो चुकी है, लेकिन जमीन पर पूर्व में लिए गए बैंक ऋण की बकाया किस्तों के कारण दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है। मामले में आयुक्त ने क्रेता और विक्रेता दोनों को बुलाकर सुनवाई की। उन्होंने विक्रेता को बैंक के बकाया ऋण की ₹2.60 लाख की धनराशि 15 दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए, ताकि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। समय-सीमा का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं होने पर धनराशि लौटाने के निर्देश
पंतनगर निवासी वैद्यनाथ महतो ने बताया कि उन्होंने ₹15.70 लाख में प्लॉट खरीदने का सौदा किया था। तय समय-सीमा जून 2026 तक शेष ₹7.50 लाख का भुगतान नहीं हो पाने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी। मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयुक्त ने समझौते के आधार पर विक्रेता कैलाश कर्नाटक को वैद्यनाथ महतो की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए।
बिना लाइसेंस ब्याज पर कर्ज देना गैरकानूनी
ब्याज पर धनराशि देने से संबंधित शिकायत पर आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि साहूकारी का व्यवसाय करने के लिए नियमानुसार वैध लाइसेंस आवश्यक है। बिना वैध लाइसेंस के ब्याज पर कर्ज देने की गतिविधि कानून के दायरे में कार्रवाई का विषय हो सकती है।
पत्नी का सामान वापस करने के निर्देश
ग्राम पतेलिया, खुड़लिया, कोटाबाग निवासी विनोद कुमार और संध्या से जुड़े मामले में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आयुक्त ने विनोद कुमार को पत्नी का सामान वापस करने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई।
श्रमिकों की बहाली और बकाया वेतन का मामला
शिकायतकर्ता सविता ने लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों की बहाली और उनका बकाया वेतन दिलाने की मांग रखी। इस पर आयुक्त ने संबंधित संस्थान में भविष्य में पद रिक्त होने पर शिकायतकर्ता को प्राथमिकता देने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्माण कार्य का मूल्यांकन कर लौटाई जाएगी शेष धनराशि
भिकियासैंण, सल्ट निवासी जानकी शर्मा पत्नी प्रकाश शर्मा ने निर्माण कार्य का मूल्यांकन कराए जाने की मांग की। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य का वैल्यूएशन कराने, नियमानुसार देय धनराशि का आकलन करने और शेष बची धनराशि शिकायतकर्ता को वापस दिलाने के निर्देश दिए।
अन्य शिकायतों पर भी हुई सुनवाई
जनसुनवाई के दौरान योगेन्द्र पाल ने धनराशि के लेनदेन, नरेन्द्र सिंह ने भूमि के विनियमितीकरण एवं भूमिधरी घोषित किए जाने, जबकि रोहित कुमार ने टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी की शिकायत रखी। गौरी देवी ने भरण-पोषण और कमला चौहान ने बेटी के विवाह के लिए श्रम विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
आयुक्त दीपक रावत ने देर शाम तक जनसुनवाई जारी रखी। कई मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर समाधान कराया गया तथा संबंधित अधिकारियों को शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







