मुख्यमंत्री के ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार कर रहा शीतल स्वयं सहायता समूह

उत्तराखंड के हल्द्वानी में शीतल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हुनर और मेहनत के बल पर आत्मनिर्भरता की एक मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री के स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के विजन से प्रेरणा लेकर इस समूह ने स्थानीय पहाड़ी फलों जैसे सेब, आड़ू और प्लम से शुद्ध जैम, चटनी और मिठाइयां तैयार करना शुरू किया। इसके अतिरिक्त हर्बल टी भी बनाई जाती है। जिसे ये स्थानीय बाजार और ऑनलाइन मार्केट में बिक्री कर अच्छा मुनाफा कमा रहे है। समूह अध्यक्ष दीपा लोधियाल के कुशल नेतृत्व में 7 महिलाओं की यह टीम आज अपने उत्पादों को न केवल स्थानीय मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से बेच रही है, बल्कि ऑनलाइन माध्यमों से दिल्ली, लखनऊ और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक भी पहुंचा रही है।

​इस प्रयास से समूह की सालाना आय लगभग दो लाख रुपये तक पहुंच गई है। आजीविका को मजबूत करने और अन्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के कारण इस समूह को ‘लखपति दीदी पुरस्कार’ के साथ-साथ महामहिम राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। शीतल स्वयं सहायता समूह आज सही मायनों में पहाड़ी उत्पादों को नई पहचान दिलाते हुए मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को धरातल पर सच कर रहा है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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