उत्तराखंड में आज भी सक्रिय रहेगा मानसून, कई जिलों में बारिश के आसार
पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा, लोगों से सतर्क रहने की अपील

देहरादून/हल्द्वानी, 5 सितंबर 2026।
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता आज भी बनी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 5 सितंबर को राज्य के अनेक हिस्सों में बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
देहरादून में बादल और बारिश का दौर
राजधानी देहरादून में आज सामान्यतः बादल छाए रहने तथा बारिश या गरज-चमक के कुछ दौर आने का अनुमान है। IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 5 सितंबर को देहरादून का न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
IMD के जिला स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और चमोली जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान नालों और गदेरों में अचानक पानी बढ़ने तथा संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
कुमाऊं में भी मौसम रहेगा सक्रिय
नैनीताल, बागेश्वर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से पर्वतीय सड़कों पर बारिश के कारण दृश्यता प्रभावित होने, मलबा आने अथवा यातायात बाधित होने की स्थिति बन सकती है। यात्रियों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
बिजली चमकने के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में नदी-नालों और बरसाती गदेरों के नजदीक जाने से भी बचने की सलाह है।
अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत के आसार कम
मौसम केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान में उत्तराखंड के लिए 5 सितंबर से आगे भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की चेतावनी दर्ज है। इसका मतलब है कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधि फिलहाल पूरी तरह कमजोर होती नजर नहीं आ रही है।
प्रशासन और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक पर्वतीय यात्रा से बचें।
भूस्खलन संभावित सड़कों पर विशेष सावधानी बरतें।
नदी, नाले और बरसाती गदेरों के किनारे न जाएं।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।







