बिजली-पानी की बढ़ी दरें वापस ले सरकार, नहीं तो होगा आंदोलन: डॉ. चौहान
शिव विहार विकास समिति की बैठक में सरकार के फैसले का विरोध, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण की भी उठी मांग

हरिद्वार। शिव विहार विकास समिति, आर्य नगर ज्वालापुर की बैठक समिति कार्यालय में अध्यक्ष डॉ. के.पी.एस. चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में बिजली एवं पानी के बिलों में की गई बढ़ोतरी को लेकर सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया।
समिति अध्यक्ष डॉ. के.पी.एस. चौहान ने कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की दरों में वृद्धि से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने धामी सरकार से बिजली और पानी की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लीं तो समिति सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग
बैठक में सर्वसम्मति से एक अन्य प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से सवर्ण आयोग के गठन की मांग की गई। समिति सदस्यों ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग गठित हैं, ऐसे में सवर्ण समाज के लिए भी एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए, ताकि उनकी समस्याओं और अधिकारों से जुड़े विषयों पर संस्थागत स्तर पर विचार हो सके।
यूजीसी एक्ट में अतिरिक्त नियम हटाने की मांग
बैठक में यूजीसी एक्ट में जोड़े गए अतिरिक्त नियमों को तत्काल हटाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही समिति ने केंद्र सरकार से देश में आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाने की मांग की।
समिति सदस्यों ने कहा कि सरकार को आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
बैठक में सतीश चौहान, एडवोकेट कुशल पाल सिंह चौहान, दीपक चौहान, अविनेश कौशिक, सतपाल दीवान, विनीत चौहान, रामनाथ पटवारी, नवीन चौहान, छोटे लाल शर्मा, कविता गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।







