नशा माफिया पर मेहरबानी, नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर FIR! कांग्रेस ने फूंका पुलिस प्रशासन का पुतला

हल्द्वानी, 27 अगस्त 2026 “नशा माफिया पर कार्रवाई करो, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित करना बंद करो”— कांग्रेस

राजपुरा क्षेत्र में कथित अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज जिला-महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बुद्ध पार्क, हल्द्वानी में पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया गया।

हल्द्वानी विधायक श्री सुमित हृदयेश की उपस्थिति में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजपुरा में नशे के कथित कारोबार के खिलाफ जनता लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन नशे के कारोबारियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को ही मुकदमों में उलझाया जा रहा है।

हल्द्वानी विधायक श्री सुमित हृदयेश ने कहा कि “राजपुरा वासियों द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किया गया अभियान केवल राजपुरा की नहीं, बल्कि पूरे हल्द्वानी की जनभावना है। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनता की भावनाओं को समझते हुए नशे के खिलाफ पुलिस को ज्ञापन दिए, हस्ताक्षर अभियान चलाया और चौकी पर धरना दिया। इसके बावजूद यदि नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई के बजाय नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे किए जाएंगे तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

उन्होंने कहा कि पुलिस एक Public Service है और पुलिस अधिकारियों को जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। हमारी स्पष्ट मांग है कि नशे के वास्तविक कारोबारियों और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई हो तथा निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि “राजपुरा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता अपने बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस-प्रशासन के समक्ष शिकायतें रख रही है। ऐसे लोगों का सम्मान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वाले समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक नशा कारोबारियों और उनके पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है, न कि शिकायत करने वालों को ही मुकदमों में उलझाना।

जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि “राजपुरा में नशे के खिलाफ चल रहा अभियान किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं, बल्कि अपने बच्चों और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए स्थानीय जनता की आवाज है। जब नागरिक और जनप्रतिनिधि लगातार नशे के कारोबार की शिकायत कर रहे हैं, तो प्रशासन को उनकी शिकायतों की गंभीरता से जांच कर नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को मुकदमों और दबाव के जरिए दबाया नहीं जा सकता। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो और कानून अपना काम करे, लेकिन नशे के खिलाफ अभियान चलाने वालों को डराने या हतोत्साहित करने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजपुरा चौकी पर धरने के बाद जब जनप्रतिनिधि पुलिस कप्तान से मिलने पहुंचे तो उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और उनका ज्ञापन तक स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री पोर्टल एवं संबंधित पुलिस प्राधिकरण के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सबसे गंभीर पहलू यह है कि जनप्रतिनिधियों ने अपने आवेदन में पहले ही आशंका व्यक्त की थी कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं। इसके बाद नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े लोगों पर FIR दर्ज होना पूरे घटनाक्रम को गंभीर बनाता है।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जाए तथा घटनास्थल के CCTV फुटेज एवं उपलब्ध मोबाइल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। साथ ही नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर यदि वे झूठे एवं द्वेषपूर्ण पाए जाएं तो उन्हें तत्काल समाप्त किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। कांग्रेस राजपुरा की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और नशे के कारोबार के खिलाफ अपनी आवाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार उठाती रहेगी।

“नशा माफिया पर कार्रवाई करो, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित करना बंद करो”— इसी मांग के साथ कांग्रेस ने प्रशासन को चेताया कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी जारी रही और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को परेशान किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से मौजूद रहे—

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, हेमन्त बगड़वाल, जीवन कार्की, मधु सांगूड़ी, कमला सनवाल, रेनू तोमर, पुष्पा नेगी, दीप पाठक, राजेन्द्र बिष्ट रज्जी, मोहन बिष्ट, जाकिर हुसैन, गोविंद बगड़वाल, हेम दुर्गापाल, मयंक भट्ट, हिमांशु जोशी, कानू बिष्ट, दिनेश सांगूड़ी, प्रदीप नेगी, त्रिलोक बनोली, विजेंद्र चौहान, संजय शेखर, जीत सिंह, संदीप भैसोड़ा, मो. शरीफ, इशरत अली, दिवेश तिवारी, रवि गुरुरानी, कमलेश पांडे, शंकर कोहली, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, अमित रावत, विक्की कोटलिया, छात्र नेता मेहुल साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page