ज्योलीकोट में जलजनित रोगों का कहर, गांव-गांव पहुंचे सीडीओ; दूषित स्रोत सील करने के निर्देश

डोर-टू-डोर होगी ब्लड और वायरस सैंपलिंग, बीमारों की निगरानी के लिए क्षेत्र में तैनात रहेंगी मेडिकल टीमें
नैनीताल, 7 सितंबर। ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविन्द कुमार पांडे ने ज्योलीकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत गाजा, सरियाताल, छीड़ा और आसपास के गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बीमार ग्रामीणों का हाल जाना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
सीडीओ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बीमारी की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों की जांच करने, सैंपल लेने और बीमार लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
हर घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, होगी सैंपलिंग
सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में डोर-टू-डोर ब्लड सैंपलिंग और वायरस सैंपलिंग कराई जाए। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें। साथ ही नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं और बीमार लोगों की लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की स्थिति गंभीर हो, उन्हें बिना देरी किए हायर सेंटर रेफर किया जाए। मेडिकल टीमों को एंबुलेंस के साथ क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और बीमार लोगों के घर जाकर उनकी स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीडीओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को आयुष्मान योजना के तहत अनुबंधित अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही संबंधित अस्पतालों को निर्देशित किया जाए कि पात्र बीमार लोगों को आयुष्मान योजना के तहत त्वरित और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए।
सीवरेज लाइन में लीकेज का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने क्षेत्र के पेयजल स्रोतों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन का भी जायजा लिया। सीवरेज लाइन के चैंबर से हो रहे लीकेज, उसकी मरम्मत और शिफ्टिंग कार्य की स्थिति देखी। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को लीकेज की समस्या का कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।
हर जलस्रोत से लिए जाएंगे सैंपल, होगी नियमित क्लोरीनेशन
सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को प्रत्येक जल स्रोत से नियमित रूप से पानी के नमूने लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नियमित क्लोरीनेशन और पानी की शुद्धता की जांच कराने को कहा।
उन्होंने पिछले तीन माह के दौरान पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए पानी के सभी सैंपलों की रिपोर्ट भी तलब की। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जल स्रोत से लेकर अंतिम घर तक पानी की गुणवत्ता की जांच हो और किसी भी परिवार तक दूषित पानी न पहुंचे।
सीडीओ ने कहा कि यदि जांच में कोई जल स्रोत दूषित पाया जाता है तो उसे तत्काल बंद कर सील किया जाए। ऐसे मामलों में तहसीलदार नैनीताल को सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
सीडीओ अरविन्द कुमार पांडे ने कहा कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत सूचना दें
सीडीओ ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण दिखाई देने अथवा तबीयत खराब होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करने और बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र प्रमुख भीमताल डॉ. हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, ग्राम प्रधान बेलवाखान डॉ. बबीता मनराल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम अशोक कटारिया, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान मनीष पिल्लई, तहसीलदार अक्षय भट्ट, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।







