आबादी के बीच लगातार घूम रहा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत

मोटाहल्दू के जयपुर खीमा में घरों के आसपास दिख रहा तेंदुआ, वन विभाग से पिंजरा लगाकर पकड़ने और गश्त बढ़ाने की मांग

लालकुआं। मोटाहल्दू क्षेत्र की ग्राम पंचायत जयपुर खीमा में पिछले कई दिनों से आबादी के बीच तेंदुए की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। घरों के आसपास तेंदुआ दिखाई देने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को नियमानुसार पकड़ने के साथ ही क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है।

ग्रामीणों के मुताबिक, 25 अगस्त की शाम करीब 8:30 बजे ग्राम निवासी पंकज कबडाल के घर के पास तेंदुआ दिखाई दिया। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी तेंदुए की गतिविधियां कैद हुई हैं। तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के साथ आसपास मिले पगचिह्नों की भी जांच की।
वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में कैमरे भी लगाए हैं। इसके बावजूद आबादी के आसपास तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलने के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को अकेले बाहर भेजने में भी अभिभावक डर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते तेंदुए को नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में कैमरा ट्रैप लगाने, प्रशिक्षित वनकर्मियों की नियमित गश्त कराने और नियमानुसार पिंजरा एवं जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा ग्रामीणों को वन्यजीव से बचाव के संबंध में जागरूक करने की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी अब केवल वन्यजीव से जुड़ा मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना आपात स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इसी मांग को लेकर ग्राम जयपुर खीमा निवासी विनीत कबडाल एवं समस्त ग्रामवासियों की ओर से वन क्षेत्राधिकारी उमेश चंद्र आर्य को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन देने वालों में विनीत कबडाल, राहुल कबडाल, आनंद कबडाल, योगेश कपिल, दीपू कबडाल और महिपाल भौर्याल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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