आर्मी कैंट में संदिग्ध के रूप में पकड़ा गया व्यक्ति निकला 4 माह से लापता, हल्द्वानी पुलिस की तकनीकी दक्षता और तत्परता से परिजनों से हुआ संपर्क

हल्द्वानी पुलिस की सतर्कता, साइबर तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता से एक बिछड़ा बेटा अपने परिवार से मिल सकेगा

दिनांक 13.07.2026 को आर्मी कैंट एरिया राजपुरा से नायब सूबेदार पी.सी. प्रधान (यूनिट-301) अपने साथ हवलदार अमर नाथ यादव, हवलदार मूर्ति, लांस नायक बबलू शर्मा एवं नायक सुभाष कुमार के साथ एक अज्ञात/संदिग्ध व्यक्ति को कोतवाली हल्द्वानी लेकर पहुंचे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति आर्मी कैंट के प्रतिबंधित क्षेत्र में दीवार फांदकर प्रवेश कर गया था, जिसे सेना के जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।

कोतवाली हल्द्वानी पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की गई, लेकिन वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा था तथा अपना नाम केवल इरफान बता रहा था। आर्मी कैंट में प्रवेश के संबंध में भी वह कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्त गोपनीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित कर उक्त व्यक्ति के संबंध में जानकारी जुटाई गई। सभी स्तरों पर की गई पूछताछ एवं परीक्षण में *प्रथम दृष्टया व्यक्ति का मानसिक रूप से अस्वस्थ* होना प्रतीत हुआ।

अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार व्यक्ति का फोटो लेकर नेटग्रिड के माध्यम से उसकी पहचान कराने का प्रयास किया गया। साइबर तकनीक के सफल उपयोग से उक्त व्यक्ति की *पहचान इरफान पुत्र…, उम्र लगभग 36 वर्ष, निवासी ग्राम सिगोही, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)* के रूप में हुई।

इसके बाद हल्द्वानी पुलिस द्वारा तत्काल डीसीआर बलरामपुर से संपर्क स्थापित कर समस्त विवरण व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया। डीसीआर के माध्यम से ग्राम प्रधान एवं इरफान के परिजनों से संपर्क हुआ। परिजनों ने बताया कि लगभग साढ़े तीन से चार माह पूर्व वे इरफान को उपचार हेतु गोरखपुर लेकर गए थे, जहां इलाज के दौरान वह अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया था।

हल्द्वानी पुलिस से सूचना मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने नैनीताल पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे तत्काल हल्द्वानी पहुंचकर इरफान को अपने साथ ले जाएंगे।

हल्द्वानी पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता एवं अथक प्रयासों से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं कई माह से लापता व्यक्ति की सही पहचान संभव हो सकी। इस सराहनीय कार्य की उच्चाधिकारियों द्वारा भी प्रशंसा की गई है।

 


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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