उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और भारतीय डाक विभाग के बीच एमओयू का नवीनीकरण
नए सत्र से विद्यार्थी ट्रैकिंग आईडी के जरिए घर बैठे देख सकेंगे पुस्तकों की स्थिति

हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और भारतीय डाक विभाग, हल्द्वानी के बीच सोमवार को आगामी तीन वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का नवीनीकरण किया गया। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तक अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की समयबद्ध एवं सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को पुस्तकों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय डाक विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि विभाग पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ विश्वविद्यालय की अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा। अधिकारियों ने कहा कि डाक विभाग विश्वविद्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों को निर्धारित समय के भीतर उनके घर तक पुस्तकें पहुंचाई जाएं।
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बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी, जिसमें नाम, नामांकन संख्या (एनरोलमेंट नंबर), पता एवं मोबाइल नंबर शामिल होंगे, एक्सेल शीट के माध्यम से डाक विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पार्सलों के वितरण की प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बन सकेगी।
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समझौते के अनुसार डाक विभाग का वाहन प्रतिदिन विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर डाक एवं पार्सलों को प्राप्त करेगा। इससे अध्ययन सामग्री के प्रेषण में तेजी आएगी और वितरण प्रक्रिया को सुचारु बनाया जा सकेगा।
विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुविधा यह होगी कि नए सत्र से पुस्तकें भेजे जाने के बाद उन्हें एक ट्रैकिंग आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। इस ट्रैकिंग आईडी के माध्यम से विद्यार्थी अपने पार्सल की वर्तमान स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को यह पता चलता रहेगा कि उनकी पुस्तकें किस स्थान पर हैं और कब तक उनके पते पर पहुंचेंगी।
बैठक में यह भी प्रयास करने पर सहमति बनी कि विश्वविद्यालय से अध्ययन सामग्री डिस्पैच होने के बाद अधिकतम पांच दिनों के भीतर विद्यार्थियों के पते पर पुस्तकों की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इससे दूर-दराज क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, एमपीडीडी के निदेशक प्रो. पी.डी. पंत, रजिस्ट्रार खेमराज भट्ट, पोस्टमास्टर चंदन बिष्ट, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव नरेश शर्मा, एमपीडीडी के सहायक निदेशक डॉ. दीपांकुर जोशी, डॉ. घनश्याम जोशी, आईसीटी विभाग से राजेंद्र गोस्वामी तथा नंदन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



