विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

6 योजनाओं का लोकार्पण, 7 का शिलान्यास; शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं को मिलेगा नया बल

भीमताल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भीमताल पहुंचकर जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख 19 हजार रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 13 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया तथा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने 66 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये की लागत से तैयार छह योजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 29 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये की लागत वाली सात योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है तथा अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में प्रशासनिक भवन के रेनोवेशन, योगा भवन, गणित एवं बीएड भवन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया, जिन पर 45.68 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा हरतोला-सतपूरी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, रामगढ़ क्षेत्र के मल्ला सूपी-रूसानी-दीगड़-कपुवा-लोधिया मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण, डीएसबी परिसर में छात्रावास एवं आईटी लैब निर्माण, सोनगांव में लेक्चर-कम-सेमिनार ब्लॉक निर्माण तथा भीमताल में 10 शैय्यायुक्त आयुष चिकित्सालय निर्माण का भी लोकार्पण किया गया।
सात नई परियोजनाओं की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री ने काठगोदाम बाईपास मोटर मार्ग-87 निर्माण, काठगोदाम बाईपास द्वितीय चरण, काठगोदाम-रानीबाग के बीच 75 मीटर स्पान स्टील ट्रस पुल निर्माण, रामनगर-भण्डारपानी-अमगड़ी-बोहराकोट-बेतालघाट मोटर मार्ग निर्माण समेत सात योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही नौकुचियाताल, बर्धो और हल्सौ स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में विभिन्न निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
भीमताल के रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की झीलें, जंगल और हिमालयी पर्यावरण हमारी पहचान और संस्कृति का आधार हैं। जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है और इसका असर सबसे पहले हिमालयी राज्यों पर दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ने और अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) की अवधारणा को लागू किया है। राज्य सरकार जल संरक्षण, वनीकरण, नदी संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।
लोक कलाकारों से की विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोक गायकों और कलाकारों से पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्ति अभियान को अपने लोकगीतों के माध्यम से जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
भीमताल के लिए कीं महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने भीमताल क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन बनाया जाएगा। भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ा जाएगा। रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखान से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग का जीप मार्ग से मिलान किया जाएगा तथा रामगढ़ उपतहसील का शीघ्र संचालन शुरू किया जाएगा। क्षेत्र में प्राधिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने जताया आभार
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक रामसिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने भी मंत्री कैड़ा के प्रयासों की सराहना की।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी जगदीश चंद्र समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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