नालसा (डॉन-ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया), 2025, के तहत 26 जून, 2026 को अंतराष्ट्रीय मादक द्रव्यों के दुरूपयोग और अवैध तस्करी विरोध दिवस के सम्बन्ध मे भीमताल स्थित एसओएस बाल ग्राम मे विधिक साक्षरता एवम जगरूकता शिविर

दिनांक 24.06.2026, माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी जी के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल के द्वारा नालसा (डॉन-ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया), 2025, के तहत 26 जून, 2026 को अंतराष्ट्रीय मादक द्रव्यों के दुरूपयोग और अवैध तस्करी विरोध दिवस के सम्बन्ध मे भीमताल स्थित एसओएस बाल ग्राम मे विधिक साक्षरता एवम जगरूकता शिविर का आयोजन किया गया ,शिविर मे सर्वप्रथम नालसा (डॉन-ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया), 2025, पर आधारित सॉर्ट वीडियो का प्रदर्शन किया गया, शिविर मे सहायक समाज कल्याण अधिकारी द्वारा बच्चो को नशे के बारे मे जानकारी दी गई तथा बताया की नशा एक चेन की तरह होता है जो एक दूसरे से जुड़कर बड़ते जाती है और बच्चे नशे के प्रभाव मे जल्दी आ जाते हैं के बारे मे भी जानकारी दी गई, शिविर मे सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल द्वारा एन डी पी एस एक्ट के बारे बताते हुए कहा की उत्तराखंड में नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों (मनोविकार नाशक) से संबंधित सबसे कठोर कानून है। इस एक्ट का उद्देश्य मादक औषधियों, मनोरोगी पदार्थों के व्यापार, खेती, उत्पादन, निर्माण, खरीद, बिक्री, परिवहन और उपयोग को नियंत्रित करना है यह दो तरह के पदार्थ है इसमें नारकोटिक्स (जैसे चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन) और साइकोट्रोपिक (केमिकल आधारित पदार्थ, जैसे एलएसडी, एमडीएमए, अल्प्राजोलम) शामिल हैं। इस एक्ट में सजा के प्रावधान अलग अलग है सजा मादक पदार्थ की मात्रा के आधार पर तय होती है छोटी मात्रा इसमें 1 वर्ष तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।मध्यम मात्रा इसमें 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।व्यावसायिक मात्रा इसमें 10 से 20 साल तक का सश्रम कारावास और 1 से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। सीओ भीमताल रविकांत सेमवाल द्वारा बच्चो को नशे के हानिकारक प्रभाव के बारे मे विस्तार पूर्ण जानकारी दी गई, जिसमे उन्होंने बताया की बच्चो की किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमे बच्चे जल्दी प्रभावित होते हैं, तथा बच्चो की आपराधिक गतिविधियों के बारे मे भी जानकारी दी. उपरोक्त शिविर मे नालसा (डॉन-ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया), यूनिट सदस्य यशवंत कुमार, नेहा आर्या, पीएलवी नवाब खाना आदि मौजूद रहे..








