मानसून से पहले जलभराव पर सख्ती: डीएम के कड़े निर्देश, 3 दिन में डीपीआर तैयार करने का अल्टीमेटम

हल्द्वानी, 13 अप्रैल आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सोमवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में संबंधित विभागों की बैठक लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
यह बैठक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में आयोजित की गई। डीएम ने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल ठोस योजना तैयार की जाए और शासन को भेजी जाए, ताकि वर्षाकाल में आमजन को राहत मिल सके।
3 दिन में डीपीआर तैयार करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट, अधिशासी अभियंता सिंचाई और यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिए कि वे हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े नए वार्डों और रामनगर क्षेत्र के जलभराव प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर तीन दिन के भीतर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर प्रस्तुत करें।
6 नाले बने जलभराव की मुख्य वजह
बैठक में बताया गया कि हल्द्वानी शहर में 6 प्रमुख नालों के कारण हर वर्ष जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। डीएम ने इन नालों के साथ-साथ छोटे-बड़े सभी नालों की समुचित निकासी के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। नगर निगम के पुराने और नए वार्डों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
चल रहे कार्यों की समीक्षा
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि:
रकसिया नाला बिरला स्कूल के पास ओवरफ्लो हो जाता है, इसके समाधान के लिए कार्य जारी है और डीपीआर तैयार की जा रही है।
चौफुला चौराहे से पनियाली तक नहर कवरिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है।
कलसिया नाला की सफाई मानसून से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
देवखड़ी नाला (काठगोदाम) पर चल रहे कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने को कहा गया।
रामनगर क्षेत्र के लिए भी योजना
रामनगर क्षेत्र के चोरपानी, गौजानी, पदमपुरी, भरतपुरी, लखनपुरी और मालधनचौड़ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि चोरपानी और गौजानी में स्थानीय स्तर पर समाधान हो चुका है, जबकि मालधनचौड़ में प्रस्तावित कार्यों से 7 गांवों को राहत मिलेगी।
किसानों को नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में जल निकासी की समस्या दूर कर किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। सभी स्वीकृत कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, अधीक्षण अभियंता महेश खरे और यूयूएसडीए के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद






