सौहार्द और अनुशासन की मिसाल: एसएसपी नैनीताल डॉ० मंजूनाथ टी०सी० के कुशल प्रबंधन व जनता के सहयोग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बकरीद का पर्व

मा० मुख्यमंत्री जी की अपील का असर: सड़कों को छोड़ पूरी आस्था के साथ केवल मस्जिदों व ईदगाहों के भीतर हुई नमाज

माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने तथा सड़कों के बजाय मस्जिदों एवं ईदगाहों में ही नमाज अदा करने के आह्वान का जनपद नैनीताल में व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिला। माननीय मुख्यमंत्री जी की इस अपील को सार्थक करने के उद्देश्य से डॉ० मंजूनाथ टी०सी०, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को पुख्ता व संवेदनशील प्रबंधन के सख्त दिशा-निर्देश दिए गए थे।

_आपसी सहयोग से सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया पर्व_

आदेश के अनुपालन में *डॉ० जगदीश चंद्र (SP नैनीताल), श्री मनोज कुमार कत्याल (SP हल्द्वानी)*, समस्त क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों ने जमीनी स्तर पर कमान संभाली। पुलिस प्रशासन ने नमाजियों की हर सुविधा का ध्यान रखते हुए स्थानीय मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और धर्मगुरुओं के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया। इसी आपसी समन्वय का परिणाम रहा कि पूरे जनपद में बकरीद का पर्व अभूतपूर्व शांति, गरिमा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

_बनभूलपुरा समेत पूरे जिले में दिखी अनुशासन की नई तस्वीर_

स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि पूर्व में बनभूलपुरा क्षेत्र में नमाजियों द्वारा सड़को पर नमाज अदा की जा रही थी। परंतु माननीय मुख्यमंत्री जी के इस कदम से जनपद में पहली बार एक अनुकरणीय मिसाल कायम हुई। प्रशासन, पुलिस एवं मुस्लिम धार्मिक प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों के साथ परस्पर संवाद, पीस कमेटी की बैठक में आपसी सहमति तथा एसएसपी नैनीताल के निर्देशन में पुलिस के कुशल प्रबंधन द्वारा हल्द्वानी के बनभूलपुरा, रामनगर, नैनीताल सहित पूरे जिले में आज सभी मुस्लिम भाइयों ने सड़कों को छोड़कर, पूरी आस्था के साथ केवल मस्जिदों व ईदगाहों के भीतर ही नमाज अदा की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद पर्व की मुबारकबाद दी।

इस ऐतिहासिक प्रबंधन और शानदार व्यवस्था से सभी मुस्लिम भाइयों को नमाज़ अदा करने में बहुत आसानी हुई और किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

 


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page