कृषि विभाग की पहल “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम की शुरुआत

हल्द्वानी- 8 जून, 2026 (सुवि), माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार श्री नरेंद्र मोदी जी और भारतीय कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरगामी दृष्टि और विकसित भारत के संकल्प के सपने को साकार रूप देने दृष्टिगत “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है जिसके तहत कृषि विभाग के सौजन्य से 1 जून से 30 जून, 2026 तक आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” का उद्घाटन विकास खंड सभागार, हल्द्वानी में माननीय सांसद अजय भट्ट द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट द्वारा जैविक खेती के प्रमाणीकरण और मार्केटिंग की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कृषि उत्पादों के मार्केटिंग के लिए ई-नाम पोर्टल के प्रयोग के बारे में जनता को जागरूक करने की बात कही। माननीय सांसद ने कहा कि आज के इस आधुनिक दौर में लोग जैविक खेती के बजाय उर्वरकों का अत्याधिक मात्रा में इस्तेमाल कर रहे हैं जिसके दुष्परिणाम स्वरूप लोगों में असाध्य बीमारियां उत्पन्न ले रही है। माननीय सांसद ने कहा कि यदि खेतों में जैविक/प्राकृतिक खाद का उपयोग किया जाएगा उतना ही हमारे आने वाले भविष्य के लिए बेहतर होगा। खेतों को उपजाऊ बनाने हेतु गोबर, जैविक खाद, कंपोस्ट खाद का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें और दूसरे किसानों को भी जैविक/प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित करें। जैविक खाद प्रयोग करने पर हमारे खेतों की क्षमता बढ़ती रहेगी जिससे अनाज की पैदावार बेहतर और गुणवत्तापूर्ण होगी।
कार्यक्रम में डॉ संजय चौधरी प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र, ज्योलिकोट द्वारा कार्यक्रम में आए किसानों को कीटनाशक और उर्वरकों के संतुलित मात्रा में प्रयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों व दवाई के अंधाधुंध प्रयोग से बचें। बिना एक्सपर्ट की सलाह के रसायनों का प्रयोग करने से बचे। इस दौरान खेती में प्रयोग किए जाने वाले रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से होने वाले रोग बीमारी पर भी चर्चा की।
केन्द्रीय शीतजल मात्स्यकी अनुसन्धान संस्थान के निदेशक डॉ अमित पांडे द्वारा मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित पोषक तत्वों के प्रयोग पर जोर दिया गया। जिससे पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
इफको से क्षेत्रीय अधिकारी दीपक आर्या द्वारा नैनों फर्टिलाइजर, नैनो यूरिया, नैनो डी ए पी के प्रयोग पर जोर दिया गया जिससे कम लागत और कम मात्रा में प्रयोग से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों फल और सब्जियों में सुक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के बारे में जानकारी दी। प्रांतीय किसान मोर्चा अध्यक्ष मेहन्द्र सिंह नेगी ने किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, परंपरागत खेती को धीरे धीरे अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोबर की जैविक खाद के उपयोग के महत्व को समझना होगा और इसकी शुरुआत स्वयं से करनी होगी तभी भविष्य में बदलाव सम्भव हो पाएगा।
जिला पंचायत सदस्य डॉ छवि काण्डपाल ने रासायनिक खादों के प्रयोग से पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जनता को जागरूक किया। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर ही फसलों में रसायनों का प्रयोग करने की अपील की।
ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ द्वारा कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में कृषि यंत्रीकरण, बीज, घेरबाढ़ , परंपरागत खेती आदि का लाभ किसानों से लेने को कहा।
किसान मोर्चा प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा परंपरागत खेती को बढ़ावा देते हुए कम लागत पर जैविक उत्पादन लेने की बात कही। साथ ही भविष्य के लिए स्वास्थ्य और उर्वरता को बचाए रखने के लिए कम से कम रासायनो का प्रयोग और अधिक से अधिक जैविक निवेशों के प्रयोग की अपील की गई। कृषि विभाग से डा. गीतांजलि बंगारी, मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल द्वारा कार्यकम में उपस्थित समस्त आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। खेत बचाओ अभियान को जन जन तक पहुंचाने की अपील की गई।
कार्यक्रम का संचालन डा जितेन्द्र भास्कर द्वारा किया गया। इस दौरान सहायक परियोजना निदेशक चन्द्रा फर्त्याल , मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, विकास खंड प्रभारी डॉ ममता जोशी, सहायक कृषि अधिकारी देवयानी चौधरी, बीटीएम किशोर मंडल, समेत कुल 100 से अधिक किसनो सहित जनप्रतिनिधियो द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।







