रामनगर में खाद्य पदार्थों की जांच, 91 नमूनों में कुछ में मिला स्टार्च; सभी मानव उपयोग के लिए सुरक्षित

रामनगर, 26 अक्टूबर। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचल प्रयोगशाला ने रामनगर के विभिन्न बाजारों में खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की। इस दौरान कुल 91 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें कुछ नमूनों में स्टार्च की मात्रा पाई गई। विभाग के अनुसार, सभी नमूने मानव उपयोग के लिए सुरक्षित पाए गए।

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य बाजार, रानीखेत रोड, बस स्टैंड, खताड़ी, लखनपुर चुंगी और कोसी रोड स्थित प्रतिष्ठानों में यह अभियान चलाया गया। जांच के दौरान मावा, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, सरसों तेल, लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, मिठाइयां, दालें, चायपत्ती, कॉफी, आटा, चावल और नमक सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की गई।

जांच में कुछ नमूनों में स्टार्च मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान लगभग 150 लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने और उससे बचने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।

त्योहारी सीजन में गुणवत्ता बनाए रखने की अपील

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

विभाग ने सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं करने, पैक्ड सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट अंकित रखने तथा रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिल या कैश मेमो देने, एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने और खराब या कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री पूरी तरह रोकने पर जोर दिया गया।

ये अधिकारी रहे मौजूद

सचल प्रयोगशाला की टीम में उपायुक्त बीरेंद्र बिष्ट, कुमाऊं उपायुक्त खाद्य संरक्षा अशोक कुमार फुलोरिया, सहायक आयुक्त अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान, कनिष्ठ विश्लेषक अभिनव भट्ट, सहायक विश्लेषक गौरव नेगी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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