पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती पर हल्द्वानी में आयोजन पंत जी के आदर्शों से बनेगा सशक्त राष्ट्र, नई पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेने की जरूरत पंत पार्क में गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

हल्द्वानी। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर हल्द्वानी का तिकोनिया स्थित पंत पार्क राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। पंत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य श्रद्धांजलि सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंडित पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पंडित पंत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, प्रशासनिक क्षमता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि पंत जी के आदर्श आज भी देश के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद के दौर में थे।
राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं पंत के आदर्श : नितिन नवीन
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को महान राष्ट्रनेता बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ आजाद भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि पंडित पंत के विचार और आदर्श राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके जीवन संघर्ष, त्याग, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाए।
युवा पंत के त्याग और दूरदृष्टि से प्रेरणा लें : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लिए यह गौरव की बात है कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जैसी महान विभूति ने यहां जन्म लिया। उन्होंने कहा कि पंत जी ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने तक ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी का जीवन त्याग, संघर्ष, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के विचारों को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
गोपाल सिंह रावत ने बताया पंत के संघर्ष का महत्व
कार्यक्रम समिति के उत्तराखंड समन्वयक एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गोपाल सिंह रावत ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंत जी केवल महान राजनेता और कुशल प्रशासक ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और जनस्वाभिमान के मजबूत पक्षधर थे।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय अंचल से निकलकर पंडित पंत ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कुली बेगार जैसी दमनकारी कुप्रथा के खिलाफ संघर्ष से लेकर जमींदारी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण कदमों तक उनका योगदान ऐतिहासिक रहा।
गोपाल सिंह रावत ने कहा कि पंडित पंत ने हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकार और सम्मान को महत्व दिया। उनके बताए जनसेवा, सत्य और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कुमाऊं मोटर ड्राइविंग कॉलेज की संस्थापक गोपाल रावत की रही विशेष मौजूदगी
कार्यक्रम में कुमाऊं मोटर ड्राइविंग कॉलेज की संस्थापक गोपाल रावत की भी विशेष मौजूदगी रही। उन्होंने पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि पंत जी का जीवन उत्तराखंड की धरती के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि पंडित पंत ने विषम परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए जनसेवा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया। उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पंत जी का जीवन युवाओं को समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।
छात्र-छात्राओं ने बांधा समां, देशभक्ति से सराबोर हुआ पंत पार्क
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, प्रस्तुतियों और पंडित पंत के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति का माहौल बना रहा।
वक्ताओं ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत एक प्रखर कानूनविद्, निडर स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी राष्ट्रनेता थे। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश की आंतरिक सुरक्षा, एकता और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
समाज के हर वर्ग को जोड़ने का दिया संदेश
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पंडित पंत का राजनीतिक जीवन केवल सत्ता और प्रशासन तक सीमित नहीं था। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और आमजन के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। यही कारण है कि आज भी उनका नाम सम्मान और श्रद्धा के साथ लिया जाता है।
कार्यक्रम समिति के उत्तराखंड प्रभारी राजेश कुमार, सह-संयोजक राजेश भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समिति पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पंत जयंती समारोह के माध्यम से उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज और देश के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।


Advertisements

गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page