आरटीआई से सामने आए कोटाबाग शिक्षा विभाग के बजट और खर्च के आंकड़े, 26 मेडिकल क्लेम में ₹12.55 लाख दर्ज
हेमंत गोनिया की आरटीआई से मिले 47 पन्नों के दस्तावेज; बजट, विभागीय भुगतान और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रिकॉर्ड सामने आए

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया द्वारा मांगी गई सूचना के जवाब में उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोटाबाग से प्राप्त 47 पृष्ठों के दस्तावेजों में विभागीय बजट, व्यय विवरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और विद्यालयों से संबंधित भुगतान आदेशों की जानकारी सामने आई है।

दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के बजट प्रावधान और विभिन्न अवधियों के व्यय का विवरण दर्ज है। इसके अलावा चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित 26 प्रविष्टियों में कुल 12,55,129 रुपये की रकम दर्ज बताई गई है। हालांकि, सभी मेडिकल क्लेम की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ मामलों में स्वीकृति, कुछ में अग्रसारण और कुछ में अधूरे आवेदन या दस्तावेजों का उल्लेख है।
चार बजट तालिकाओं में 11.03 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय
आरटीआई से प्राप्त रिकॉर्ड में मार्च 2021, मार्च 2022, मार्च 2024 और मार्च 2026 की बजट एवं व्यय तालिकाओं के आंकड़े शामिल हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, मार्च 2021 की तालिका में 32,78,00,640 रुपये का बजट/प्रावधान और 2,79,08,877 रुपये का व्यय दर्ज है।
मार्च 2022 की तालिका में 34,15,05,078 रुपये का बजट/प्रावधान और 2,59,51,257 रुपये का व्यय दर्ज किया गया है।
मार्च 2024 की तालिका में 33,72,49,039 रुपये का बजट/प्रावधान और 2,73,43,166 रुपये का व्यय दर्ज है।
वहीं, मार्च 2026 की तालिका में 43,25,65,058 रुपये का बजट/प्रावधान और 3,91,30,059 रुपये का व्यय दर्ज बताया गया है।
इन चारों तालिकाओं में दर्ज व्यय का कुल जोड़ 11,03,33,359 रुपये है। यह केवल इन चार तालिकाओं में दर्ज राशियों का गणितीय योग है। इसे विभाग के चार वर्षों के संपूर्ण खर्च का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता, क्योंकि अन्य अवधियों के रिकॉर्ड भी उपलब्ध बताए गए हैं।
इन आंकड़ों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए बजट आवंटन, स्वीकृत राशि, मदवार खर्च और भुगतान अभिलेखों का मिलान आवश्यक है।
मेडिकल क्लेम की 26 प्रविष्टियों में 12.55 लाख रुपये दर्ज
दस्तावेजों के पृष्ठ 2 और 3 पर उत्तराखंड सरकार की एसजीएचएस ओपीडी समरी संलग्न बताई गई है। इसमें 1 मार्च 2020 से 21 मई 2026 तक की अवधि का विवरण है। दस्तावेज पर प्रिंट तिथि 21 मई 2026 दर्ज है।
इस सूची में उपचार, अस्पताल, चिकित्सक, लाभार्थी, क्लेम की स्थिति और रकम से संबंधित विवरण शामिल हैं। 26 प्रविष्टियों में रकम वाले कॉलम का कुल जोड़ 12,55,129 रुपये बताया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सूची में दर्ज पूरी रकम को भुगतान की गई राशि नहीं कहा जा सकता। कुछ मामलों में स्वीकृति या भुगतान से संबंधित विवरण हैं, जबकि अन्य मामलों में आवेदन अग्रसारित किए जाने अथवा दस्तावेज अधूरे होने का उल्लेख है।
इसलिए प्रत्येक क्लेम की स्वीकृत राशि, वास्तविक भुगतान और लंबित स्थिति का अलग-अलग सत्यापन जरूरी है।
विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए दर्ज रकम
उपलब्ध विवरण में कई तरह की बीमारियों और उपचारों से संबंधित मेडिकल क्लेम दर्ज हैं।
अस्थमा के लिए 60,315 रुपये, ब्रेन सर्जरी के लिए 1,11,122 रुपये, पाइल्स के लिए 26,400 रुपये और बच्चे के जन्म से संबंधित उपचार के लिए 18,739 रुपये दर्ज बताए गए हैं।
इसी तरह, कोविड-19 से संबंधित क्लेम में 1,43,476 रुपये, मोतियाबिंद के लिए 27,949 रुपये, मल्टीपल डिजीज के लिए 46,966 रुपये और अल्सरेटिव कोलाइटिस के लिए 24,088 रुपये दर्ज हैं।
हृदय संबंधी उपचार की एक प्रविष्टि में 71,681 रुपये और दूसरी प्रविष्टि में 2,41,880 रुपये का उल्लेख है। डिप्रेशन से संबंधित दो प्रविष्टियों में क्रमशः 13,563 रुपये और 2,800 रुपये दर्ज बताए गए हैं।
इसके अलावा अन्य बीमारियों और उपचारों से संबंधित प्रविष्टियां भी सूची में शामिल हैं। ये रकम क्लेम रिकॉर्ड में दर्ज राशि के उदाहरण हैं। इन्हें प्रत्येक मामले में अंतिम स्वीकृत या भुगतान की गई राशि नहीं माना जाना चाहिए।
कुछ क्लेम स्वीकृत, तो कुछ मामलों में दस्तावेज अधूरे
मेडिकल क्लेम सूची में अलग-अलग प्रक्रियागत स्थितियों का उल्लेख है। कुछ प्रविष्टियों में स्वीकृति अधिकारी से संबंधित जानकारी दिखाई देती है, जबकि कुछ मामलों में आवेदन अधूरे होने, सहायक दस्तावेजों की कमी या प्रकरण आगे भेजे जाने का उल्लेख है।
इससे स्पष्ट होता है कि क्लेम दर्ज होना, उसका स्वीकृत होना और लाभार्थी को भुगतान मिलना अलग-अलग चरण हैं।
वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित स्वीकृति आदेश, भुगतान प्रमाण, भुगतान की तारीख और लंबित मामलों का विवरण देखना जरूरी होगा।
विद्यालयों के भुगतान आदेश भी रिकॉर्ड में शामिल
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोटाबाग के विभिन्न भुगतान आदेश भी शामिल बताए गए हैं। इनमें विद्यालयों के नाम, बिल नंबर, भुगतान की तारीख, राशि और जीएसटी से संबंधित विवरण दर्ज हैं।
कुछ भुगतान आदेशों में 14,939 रुपये, 22,094 रुपये और 16,659 रुपये जैसी रकम दिखाई देती है। अन्य पृष्ठों पर भी अलग-अलग बिलों और भुगतान आदेशों का विवरण शामिल है।
हालांकि, इन सभी आदेशों का मदवार मिलान किए बिना अलग-अलग रकम को जोड़कर किसी एक मद का कुल खर्च बताना उचित नहीं होगा।
दस वर्षों के रिकॉर्ड के निरीक्षण का विकल्प
कार्यालय के 16 मई 2026 के पत्र में आरटीआई आवेदन के विभिन्न बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। जवाब में विस्तृत अभिलेख एकत्र करने में अधिक मानवीय श्रम लगने की बात कहते हुए बिल-वाउचर और संबंधित रिकॉर्ड के निरीक्षण का विकल्प भी दिया गया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आवेदन के प्रत्येक बिंदु पर कितनी सूचना उपलब्ध कराई गई, किन अभिलेखों का निरीक्षण शेष है और किन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त की जा सकती हैं।
मूल बिलों, भुगतान आदेशों और बजट अभिलेखों का मिलान होने पर विभागीय खर्च और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
उपलब्ध विवरण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। संबंधित मूल अभिलेखों के स्वतंत्र सत्यापन के बिना किसी अधिकारी या कर्मचारी पर वित्तीय अनियमितता का आरोप नहीं लगाया जा रहा है।







