रॉयल्टी जांच कंपनी के कर्मचारियों का हंगामा, उपश्रमायुक्त के हस्तक्षेप से हुआ समझौता

लालकुआं। नदियों से निकलने वाली खनन सामग्री की रॉयल्टी जांच करने वाली कंपनी कैलाश रिवर के कर्मचारियों ने प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ने पर मामला उपश्रमायुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। उपश्रमायुक्त ने कंपनी प्रबंधन को श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों से कार्य लेने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, सुबह बेरीपड़ाव स्थित कैंप कार्यालय में कैलाश रिवर कंपनी के कर्मचारियों और फील्ड ऑफिसर के बीच विवाद हो गया। कर्मचारियों का आरोप था कि उनसे निर्धारित मानकों से अधिक काम कराया जा रहा है और सप्ताह में अवकाश भी नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान कहासुनी बढ़ने पर मारपीट की नौबत आ गई।
कर्मचारियों ने मौके पर हल्दूचौड़ पुलिस को बुलाया। चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी गोस्वामी ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
पुलिस स्तर पर समाधान न निकलने पर कर्मचारी हल्द्वानी स्थित उपश्रमायुक्त कार्यालय पहुंच गए और उपश्रमायुक्त कमल नयन जोशी को अपनी शिकायत से अवगत कराया। इसके बाद उपश्रमायुक्त ने कंपनी प्रबंधन को कार्यालय तलब कर दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई।
वार्ता के दौरान उपश्रमायुक्त ने कर्मचारियों को नियमों के तहत शांतिपूर्वक कार्य करने की सलाह दी। वहीं कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए कि श्रम कानूनों का पूर्ण पालन किया जाए तथा कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से अवकाश दिया जाए।
उपश्रमायुक्त के हस्तक्षेप और सख्त निर्देशों के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। कर्मचारियों ने काम पर लौटने की घोषणा कर दी और विवाद समाप्त हो गया।
उपश्रमायुक्त कमल नयन जोशी ने बताया कि कर्मचारियों की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन को बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। उन्हें श्रम कानूनों की जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए, जिसके बाद समझौता हो गया।
वहीं, चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी गोस्वामी ने बताया कि सुबह विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारी उपश्रमायुक्त कार्यालय जाने पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। यदि भविष्य में शांति व्यवस्था प्रभावित होती है तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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