नर्सिंग अधिकारी भर्ती: 42 वर्ष से अधिक आयु वाले अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त, 587 पदों की भर्ती में नहीं मिलेगी अतिरिक्त छूट
राज्य सरकार ने आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने से किया इनकार, हाईकोर्ट के आदेश पर लिए गए ऑफलाइन आवेदन भी रद्द

देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (यूकेएमएसएसबी) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नर्सिंग अधिकारी के 587 पदों पर चल रही सीधी भर्ती प्रक्रिया में अधिकतम आयु सीमा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त आयु छूट देने से इनकार किए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत प्राप्त ऑफलाइन आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी नहीं मिलेगी।
बोर्ड के सचिव प्रदीप जोशी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारी के 587 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए 17 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद 2 जुलाई 2026 को भर्ती की लिखित परीक्षा की अधिसूचना जारी की गई और परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दिए जाने की मांग करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों से ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए और उनके प्रत्यावेदन राज्य सरकार को भेज दिए थे, ताकि आयु सीमा में छूट के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सके।
राज्य सरकार ने इस मामले में कार्मिक विभाग से परामर्श करने के बाद स्पष्ट किया कि संबंधित सेवा नियमावली तथा उत्तराखंड सेवाओं में भर्ती (आयु सीमा) नियमावली के अनुसार नर्सिंग अधिकारी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस भर्ती में अधिकतम आयु सीमा से अधिक छूट देने का कोई वैधानिक प्रावधान मौजूद नहीं है।
सरकार के इस निर्णय के बाद उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश के तहत प्राप्त सभी ऑफलाइन आवेदनों को निरस्त कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे और वे आगामी लिखित परीक्षा सहित पूरी भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
बोर्ड के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो आयु सीमा में राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। वहीं, चयन बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमावली के अनुसार ही आगे बढ़ाई जाएगी और केवल निर्धारित आयु सीमा के भीतर आने वाले पात्र अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।







