जमरानी बांध परियोजना: पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर गरजे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

नैनीताल/हैड़ाखान। जमरानी बांध परियोजना के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर हैड़ाखान क्षेत्र के तोक ब्युरा में हरीश पनेरु के नेतृत्व में एक बड़ी जनसभा आयोजित की गई। सभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और पुनर्वास, भूमि आवंटन तथा रोजगार के मुद्दों पर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना था कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से एक-एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने और समुचित पुनर्वास की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इन वादों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रभावित परिवारों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
जनसभा को संबोधित करते हुए हरीश पनेरु ने कहा कि डूब क्षेत्र के परिवार लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एक माह के भीतर प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक-एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
सभा में मौजूद ग्रामीणों ने भी एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप देने की बात कही। जनसभा के दौरान प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुनर्वास और रोजगार से जुड़े वादों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। जनसभा के बाद क्षेत्र में आंदोलन की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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