अपनी जवाबदेही तय करे सरकार: शिक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

रामनगर। शिक्षा सुधारों की मांग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी लोक मंच ने रविवार को रामनगर के लखनपुर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा के निजीकरण, पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
भारी बारिश के बीच आयोजित धरने का संचालन करते हुए ललित उप्रेती ने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलनरत छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांगों पर संवाद करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन सप्ताह से अधिक समय से विभिन्न संगठनों के छात्र नेता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक सहित कई लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में पेपर लीक और भर्ती घोटालों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिसके खिलाफ पूरे देश को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में संस्थान खोलने की अनुमति देकर शिक्षा को व्यावसायिक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में नई शिक्षा नीति पर सुझाव मांगे जाने पर समाजवादी लोक मंच ने भी चार पृष्ठों का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, लेकिन उस पर न तो विचार किया गया और न ही कोई जवाब दिया गया।
उन्होंने बताया कि मंच ने शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, शिक्षा में विदेशी पूंजी निवेश समाप्त करने, केजी से पीजी तक निशुल्क, समान, वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण एवं मातृभाषा आधारित शिक्षा लागू करने, भोजन माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी शिक्षकों की नियमित नियुक्ति जैसे सुझाव सरकार को दिए थे।
समाजवादी नेता जमन राम ने देश में दोहरी और तिहरी शिक्षा व्यवस्था समाप्त करने तथा शिक्षा के निजीकरण और सांप्रदायिकीकरण के विरोध में जनता से एकजुट होने का आह्वान किया।
धरने को आइसा के सुमित कुमार, पछास के रवि सिंह, महिला एकता मंच की ललिता रावत, रेनू सैनी और मानवी, उपपा नेता मोहम्मद आसिफ, व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल तथा प्रेमराम सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की मांग दोहराई।







