सुखाताल,नैनीताल मे स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम, स्वच्छता का दिया संदेश


दिनांक 23.07.2026 माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के संयुक्त तत्वाधान मे आज सुखाताल,नैनीताल मे स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस अभियान के माध्यम से सुखताल झील तथा झील के आस पास सफाई अभियान चलाकर आस पास के कूड़े जैसे प्लास्टिक,कांच की बोतले,प्लास्टिक की बोतलो व इत्यादि एकत्र किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री प्रदीप मणि त्रिपाठी द्वारा बताया गया की सुखाताल झील, नैनीताल की अत्यंत दयनीय स्थिति, पर्यावरणीय क्षरण एवं प्रशासनिक उपेक्षा के संबंध में तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही हेतु दिनांक 30.06.2026 को मा० सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका नैनीताल को पत्र प्रेषित किया गया था. जिसकी प्रति जिलाधिकारी नैनीताल को भी प्रेषित की गई थी, जिसमें नैनीताल स्थित सुखाताल झील एवं उसके आसपास के क्षेत्र का स्वयं अनेक अवसरों पर निरीक्षण करने के उपरांत झील के चारों ओर स्थित पैदल मार्ग तथा उससे सटे क्षेत्रों में प्लास्टिक की बोतलें, खाद्य पदार्थों के रैपर, डिस्पोजेबल सामग्री तथा अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरा बिखरा हुआ पाये जाने के सम्बन्ध में सूचित किया गया था तथा सम्पूर्ण क्षेत्र की स्वच्छता एवं रखरखाव की स्थिति अत्यंत असतोषजनक होने के कारण नियमित सफाई, अनुरक्षण तथा निगरानी की व्यवस्था के सम्बन्ध में सूचित किया गया था, इसके अतिरिक्त आगंतुकों की सुविधा हेतु स्थापित सार्वजनिक बेंचों का उपयोग सायंकाल में असामाजिक तत्वों द्वारा शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन के लिए किए जाने की जानकारी प्राप्त की सूचना भी दी गई थी। यह भी अवगत कराया गया था कि सुखाताल झील की वर्तमान स्थिति उन प्राधिकारियों द्वारा अपने वैधानिक दायित्वों के निर्वहन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है जिन्हें इसके संरक्षण एवं अनुरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वॉकिंग ट्रैक, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त सार्वजनिक धन व्यय किया गया प्रतीत होता है, किन्तु इन परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति नियमित अनुरक्षण, प्रभावी निरीक्षण तथा उत्तरदायित्व निर्धारण के अभाव को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है। करदाताओं के धन से निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नष्ट होने नहीं दिया जा सकता। जहाँ कहीं भी लापरवाही, कर्तव्यहीनता अथवा पर्यवेक्षण में विफलता पाई जाए, वहाँ उत्तरदायित्व निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों अथवा एजेंसियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जानी आवश्यक है।
इसी कम में माननीय कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल महोदय के आदेश के कम में सूखाताल झील परिसर की स्वच्छता के लिए सफाई के लिये विभिन्न विद्यालयों के छात्रों, झील विकास प्राधिकरण, नैनीताल, नगरपालिका परिषद, नैनीताल के सहयोग से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा अभियान चलाया गया। तथा यह भी कहा गया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि “ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे”, और अपने शहर को एक स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर स्थान बनाएंगे। स्वच्छता अभियान के पश्चात वृक्षारोपण भी किया गया।इस स्वच्छता अभियान में श्री हर्ष यादव विशेष कार्य अधिकारी, पारुल थपलियाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल,झील विकास प्राधिकरण नैनीताल,श्री रोहिताश अधिशासी अभियन्ता नगर पालिका नैनीताल एवम श्री मती सरस्वती खेतवाल अध्यक्ष नगर पालिका,विद्यालय मोहन लाल साह बालिका विद्या मन्दिर, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, केएलसाह नगर पालिका ट्रस्ट बालिका इंटर कालेज एशडेल, अटल उत्कृष्ट आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तल्लीताल, शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज तल्लीताल, कुल 350 छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया, उक्त कार्यक्रम मे नगर पालिका के स्वच्छक कर्मचारी, वन विभाग नैनीताल,जिले के समस्त पी0एल0वी0 / अधिकार मित्र व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समस्त कमर्चारीगणो द्वारा स्वच्छता हेतु श्रमदान किया गया..







