सहकारिता विभाग और बैंकों की समीक्षा बैठक, एनपीए व वित्तीय समावेशन पर मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

हल्द्वानी, 30 सितंबर 2026। उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, हल्द्वानी के मुख्यालय सभागार में सहकारिता विभाग, प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) और जिला सहकारी बैंकों के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अन्न भंडारण योजना, वित्तीय समावेशन, एनपीए प्रबंधन, बैंक शाखाओं के विस्तार, पैक्स के डिजिटलीकरण तथा किसान कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अन्न भंडारण योजना की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश
बैठक में अन्न भंडारण योजना के तहत लंबित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। पैक्स के डिजिटलीकरण और दैनिक संचालन की समीक्षा में बताया गया कि अल्मोड़ा जिले की 74 पैक्स में से 63 में डायनमिक डे-एंड का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बागेश्वर की 9 समितियों तथा चम्पावत जिले की सभी समितियों में डे-एंड का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
हर विकासखंड में लगेंगे दो वित्तीय समावेशन मेले
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रत्येक विकासखंड में दो-दो विशेष वित्तीय समावेशन मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ आम लोगों के नए बचत खाते खोलने और स्वयं सहायता समूहों को सुगम ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
नई शाखाओं के साथ बैंकिंग सुविधाओं में सुधार
जिला सहकारी बैंकों की प्रस्तावित नई शाखाओं को शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने सभी बैंक शाखाओं में एकरूपता के साथ साइन बोर्ड, बेहतर आंतरिक साज-सज्जा, आधुनिक सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
एनपीए वसूली पर विशेष जोर
बैठक में सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एनपीए की त्वरित वसूली पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही नए स्वीकृत और वितरित ऋणों की नियमित एवं सघन निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में एनपीए की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहकारिता विभाग सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए किसान, काश्तकार और आम नागरिकों तक उनका लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।







