रामनगर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण

मनोहर चाय और मल्टी विटामिन सिरप के 3 नमूने जांच के लिए भेजे, 4 प्रतिष्ठानों को नोटिस

रामनगर, 30 सितंबर 2026। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रामनगर क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में बुधवार को वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान के नेतृत्व में मालधन चौड़ नंबर-4 एवं नंबर-2 क्षेत्र में मेडिकल स्टोर, किराना दुकानों तथा खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया गया। गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर अलग-अलग तीन विक्रेताओं से मनोहर चाय एवं मल्टी विटामिन सिरप के कुल तीन खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

चार प्रतिष्ठानों को नोटिस, 15 दिन में अनुपालन नहीं तो होगी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान एफएसएस एक्ट-2006 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने, लाइसेंस स्वामी का पता गलत अंकित होने तथा मौके पर खाद्य पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इस पर चार प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन/ऑफलाइन नोटिस जारी किए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का 15 दिनों के भीतर अनुपालन नहीं किए जाने पर नियमानुसार कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार संबंधित प्रावधान के तहत धारा 55 में अधिकतम 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

इसके साथ ही प्रतिष्ठान संचालकों को कालातीत एवं खराब खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं करने तथा ऐसी सामग्री के लिए अलग ड्रॉप बॉक्स रखने के विशेष निर्देश दिए गए।

त्योहारी सीजन को लेकर विभाग अलर्ट

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का ही विक्रय करने, बिना बिल के खाद्य सामग्री की खरीद नहीं करने और स्टॉक का पूरा विवरण रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने प्रतिष्ठान स्वामियों से कहा कि **कालातीत खाद्य सामग्री का न तो विक्रय किया जाए और न ही उसका भंडारण किया जाए


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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