रामनगर नगर पालिका में मंडलायुक्त दीपक रावत का औचक निरीक्षण, ईओ का वेतन रोकने के निर्देश
स्टोर में सामान वितरण का रिकॉर्ड नहीं मिला, पशु बाजार में अनियमितताओं पर मुकदमे के निर्देश; सफाई ठेकेदार पर चालान की कार्रवाई होगी

रामनगर, 28 सितंबर 2026। कुमाऊँ मंडलायुक्त दीपक रावत ने सोमवार को नगर पालिका परिषद रामनगर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव, स्टोर और पशु बाजार में कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं। इस पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर पालिका के सामने फुटपाथ पर बिना सत्यापन एवं अनुमति संचालित दुकान तथा अतिक्रमण मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए।
बंद मिली रोड क्लीनिंग मशीन, कूड़ा तौल में पारदर्शिता के लिए CCTV लगाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान रोड क्लीनिंग मशीन बंद मिली। मंडलायुक्त ने सफाई मशीनों और अन्य संसाधनों का नियमित संचालन तथा उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने कचरे की माप-तौल में पारदर्शिता के लिए कांटे पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए। अगस्त माह में प्लास्टिक एवं अन्य मूल्यवान कचरे से संबंधित रसीदें प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जाँच कराने को कहा।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि कूड़ा एवं अन्य सामग्री ट्रीटमेंट के लिए कहां भेजी जा रही है, इसकी जानकारी का सत्यापन किया जाए और पूरी प्रक्रिया का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए।
सफाई कर्मियों की सुविधाओं पर भी जताई नाराजगी
सफाई कर्मियों के रहने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने लेबर इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया और सफाई ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जब तक सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका जाए। इस संबंध में उप जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्टोर में सामान वितरण का रिकॉर्ड नहीं मिला
स्टोर के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न सामानों के वितरण से संबंधित अभिलेख मांगे, लेकिन स्टोर कीपर वितरण का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्टॉक एवं वितरण से संबंधित सभी अभिलेखों की जाँच और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी सामग्री के स्टॉक, वितरण और उपयोग का पूरा विवरण रिकॉर्ड में होना चाहिए तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पशु बाजार में तीन पशुओं के परिवहन का मामला, मुकदमे के निर्देश
मंडलायुक्त ने पशु बाजार का भी निरीक्षण किया। यहां UK-19-CA-1719 नंबर की पिकअप में निर्धारित मानकों के विपरीत एक के स्थान पर तीन पशुओं का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया। पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था और आवश्यक अनुमति के बिना परिवहन किए जाने की बात भी निरीक्षण में सामने आई।
मंडलायुक्त ने संबंधित प्रावधानों और Animal Cruelty Act के तहत नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश प्रभारी अधिशासी अधिकारी को दिए।
पशु बाजार के ठेकेदार गिरीश चंद्र पंत द्वारा खरीद-फरोख्त का रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा स्टाफ के नाम और संपर्क नंबर भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। प्रथम दृष्टया कई अनियमितताएं मिलने पर मंडलायुक्त ने तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार होने तक 19 सितंबर से पशु बाजार बंद रखने के निर्देश दिए और पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, परिवहन, खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड तथा अन्य निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के निर्देश
मंडलायुक्त दीपक रावत ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विभिन्न अनियमितताओं की विस्तृत जाँच कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, कर एवं राजस्व अधीक्षक सहित नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







