रानीबाग में गार्गी नदी और घाटों पर चला महा स्वच्छता अभियान
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत नगर निगम ने की व्यापक सफाई, लोगों को दिया स्वच्छता का संदेश

हल्द्वानी, 5 अक्टूबर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026’ के 16वें दिन नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम की ओर से रानीबाग क्षेत्र में गार्गी नदी, घाटों, अंतिम संस्कार स्थल और मंदिर मार्ग पर व्यापक स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा के दिशा-निर्देशन में चलाए गए अभियान का उद्देश्य गार्गी नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के साथ धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घाटों और मंदिर मार्ग को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना रहा।
अभियान के दौरान गार्गी नदी और उसके किनारों पर जमा प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट हटाए गए। नदी तट और आसपास के क्षेत्र से अनुपयोगी सामग्री को भी साफ किया गया।
घाट और अंतिम संस्कार स्थल की सफाई
नगर निगम की टीम ने नदी से जुड़े घाटों और अंतिम संस्कार स्थल पर भी विशेष सफाई अभियान चलाया। लंबे समय से पड़े पुराने वस्त्रों एवं अन्य सामग्री को हटाकर परिसर को स्वच्छ किया गया। लोगों से धार्मिक स्थलों पर सामग्री इधर-उधर न छोड़ने और निर्धारित व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई।
मंदिर एवं घाट तक जाने वाले मार्गों से भी कचरा हटाया गया, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सके। इस दौरान लोगों को पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने और कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालने के लिए जागरूक किया गया।
नदी की स्वच्छता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
नगर निगम की टीम ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से कहा कि नदी और घाटों की स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। लोगों से नदी में कूड़ा एवं धार्मिक सामग्री प्रवाहित नहीं करने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
अभियान में बैंणी सेना प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज नेगी, सफाई निरीक्षक शुभम, दीपक एवं कार्तिक, SBM टीम के मनीष पांडे सहित नगर निगम के सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम ने नागरिकों से गार्गी नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
नगर निगम का संदेश: “नदी हमारी धरोहर है, इसे स्वच्छ रखना हमारी जिम्मेदारी है।”








