युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने पर जोर, जापानी-जर्मन भाषा प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश

हल्द्वानी, 26 सितंबर। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जिला कौशल विकास एवं अप्रेंटिसशिप समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना सहित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रेंटिसशिप योजना में अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को जोड़ा जाए तथा प्रशिक्षित युवाओं का डेटाबेस तैयार कर रोजगार मेलों एवं प्लेसमेंट के माध्यम से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए।

जापान-जर्मनी में रोजगार के लिए भाषा और कौशल प्रशिक्षण

बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जापानी एवं जर्मन भाषा के साथ व्यावसायिक कौशल का 6 से 8 माह का प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण जापान और जर्मनी में नर्सिंग असिस्टेंट एवं एल्डरली केयर गिवर जैसे जॉब रोल के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से होगा।

योजना के तहत जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग तथा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। बैठक में निर्धारित आयु सीमा के अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 21 से 35 वर्ष तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए 18 से 27 वर्ष की आयु सीमा बताई गई।

बर्ड वॉचिंग को रोजगार और पर्यटन से जोड़ने की तैयारी

जिलाधिकारी ने नैनीताल जनपद में बर्ड वॉचिंग की संभावनाओं को देखते हुए पंगोट, कोसी बैराज और नौकुचियाताल जैसे क्षेत्रों में आने वाले प्रवासी एवं हिमालयी पक्षियों की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए गाइडों का विशेष प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को पक्षियों की प्रजातियों, उनके प्राकृतिक आवास और वैज्ञानिक पहलुओं की बेहतर जानकारी दे सकेंगे। इससे बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए स्थानीय उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण ट्रेडों का चयन किया जाए तथा विभाग आपसी समन्वय से प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गढ़िया, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य, आईटीआई प्रधानाचार्य नितिन शर्मा, लीड बैंक अधिकारी अमित बाजपेई, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार, सचिव हिमालयन चेंबर ऑफ कॉमर्स मलय त्रिपाठी, एमबीपीजी कॉलेज के डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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