मालवा ताल में स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा, 45 लोगों की स्वास्थ्य जांच

ज्योलिकोट में 29 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, 14 ब्लड टेस्ट और 45 लोगों की काउंसलिंग; गंभीर मरीज भर्ती

नैनीताल, 27 सितंबर 2026। ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 29 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान 14 ब्लड टेस्ट किए गए और 45 लोगों की काउंसलिंग की गई। गंभीर लक्षण वाले एक मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद मालवा ताल पहुंची स्वास्थ्य टीम

मालवा ताल, भीमताल ब्लॉक में डायरिया से 12 वर्षीय बच्चे की मौत संबंधी समाचारों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संज्ञान लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे के घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि इससे पहले गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे बच्चे को जांच के लिए शिविर में नहीं ला सके।

इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने मालवा ताल में 45 लोगों की स्वास्थ्य जांच की। ग्रामीणों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी देने के साथ ओआरएस, जिंक और आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। ग्रामीणों के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की भी जांच की गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चिकित्सकों की टीम भी मालवा ताल पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

बारिश के बाद पेयजल को लेकर सतर्क रहने की अपील

लगातार बारिश को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से पेयजल और स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बहकर आई गंदगी के दोबारा पेयजल स्रोतों में पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में लोग पानी उबालकर अथवा सुरक्षित पेयजल का ही सेवन करें।

उन्होंने लोगों को ताजा, सुपाच्य एवं हल्का भोजन लेने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि दस्त, उल्टी, बुखार, पेट दर्द, पीलिया अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

गर्भवती महिलाओं से वर्थ वेटिंग रूम में पहुंचने की अपील

भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगामी दिनों में प्रसव संभावित गर्भवती महिलाओं से भी समय रहते संबंधित चिकित्सालयों में उपलब्ध वर्थ वेटिंग रूम में पहुंचने की अपील की है।

वर्थ वेटिंग रूम में गर्भवती महिलाओं के ठहरने, भोजन और स्वास्थ्य जांच सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य खराब मौसम और आवागमन में संभावित बाधाओं के बीच गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना और सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि बारिश के दौरान सतर्क रहें, सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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