जिसका कोई नहीं था, उसका समाज बना सहारा: हेमंत गोनिया और प्रकाश बिष्ट ने कराया सम्मानजनक अंतिम संस्कार

हल्द्वानी / चित्रशिला घाट, 4 अक्टूबर 2026। मानवता की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी हेमंत गोनिया एवं संकट मोचन आश्रम के संचालक प्रकाश बिष्ट ने बेसहारा बुजुर्ग गोपाल दत्त का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया।

गोपाल दत्त निवासी गोलापार नकायल, संकट मोचन आश्रम, नकायल में रह रहे थे। निधन के समय उनके परिवार का कोई व्यक्ति अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए मौजूद नहीं था।
आश्रम संचालक प्रकाश बिष्ट ने समाजसेवी हेमंत गोनिया से संपर्क किया। सूचना मिलते ही हेमंत गोनिया अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। इस सेवा कार्य में वंश गोनिया, अमित रस्तोगी, रेंजर दीपक तिवारी, रेंजर नवल किशोर कपिल सहित अन्य सहयोगियों ने योगदान दिया।
समाजसेवियों द्वारा लकड़ी, कफन, चिता की सामग्री, वाहन तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का खर्च वहन किया गया। साथ ही अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था भी की गई। इसके बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर विधि-विधान और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
समाजसेवी हेमंत गोनिया ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों में अब तक 256 बेसहारा, लावारिस अथवा जरूरतमंद लोगों के अंतिम संस्कार कराए जा चुके हैं। यह सेवा किसी एनजीओ अथवा सरकारी सहायता से नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और मानवता के दायित्व के रूप में की जा रही है।
उन्होंने कहा, “मृत्यु के बाद व्यक्ति की पहचान नहीं, उसकी मानवता देखी जानी चाहिए। जिसका कोई अपना नहीं है, उसके लिए समाज को अपना बनकर खड़ा होना चाहिए। हमारा प्रयास है कि किसी भी बेसहारा व्यक्ति की अंतिम यात्रा अकेली न हो।”








