जिसका कोई नहीं, उसका समाज है! सेवालय आश्रम में दिव्यांग बच्चों संग समाजसेवियों ने मनाई दीपावली, उपहार और खुशियों से रोशन हुए नौनिहालों के चेहरे

धनतेरस पर हेमंत सिंह गोनिया की टीम ने पेश की मानवता और सेवा की मिसाल, तीन घंटे तक बच्चों के बीच रहकर बांटी खुशियां; दानदाताओं का आभार जताते हुए भावुक हुए सेवालय अध्यक्ष रोहित जोशी

हल्द्वानी, 6 नवंबर। दीपावली का असली अर्थ केवल घरों को रोशन करना नहीं, बल्कि उन चेहरों पर मुस्कान लाना है, जिनके जीवन में खुशियों की रोशनी पहुंचाने की सबसे अधिक जरूरत है। इसी मानवीय भावना को चरितार्थ करते हुए समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया की टीम ने धनतेरस के अवसर पर सेवालय संस्था, गांधी आश्रम, फतेहपुर, हल्द्वानी में रह रहे दिव्यांग एवं जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया।

इस दौरान समाजसेवियों ने करीब तीन घंटे तक बच्चों के बीच रहकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। बच्चों को मिठाइयां और उपहार वितरित किए गए। उनके साथ दीप जलाए गए और पटाखे फोड़कर दीपावली का उत्सव मनाया गया। समाजसेवियों के इस अपनत्व ने आश्रम के माहौल को खुशियों और उल्लास से भर दिया।

राशन से लेकर कपड़े और खिलौनों तक, जरूरत का हर सामान भेंट

आयोजन के दौरान आश्रम के बच्चों के लिए बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें आटा, दाल, चावल, चीनी, चायपत्ती, मिठाई, नमकीन, कपड़े, शर्ट, अंडरवियर, बनियान, तौलिये, खेल-खिलौने, मोमबत्तियां, दीपक, पूजा सामग्री और दीपावली से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए 3,000 रुपये की नकद धनराशि भी लिफाफे में रखकर भेंट की गई।

सामग्री और उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। समाजसेवियों के साथ समय बिताना और परिवार जैसा अपनापन मिलना उनके लिए इस दीपावली को खास और यादगार बना गया।

दानदाताओं का आभार जताते हुए भावुक हुए रोहित जोशी

कार्यक्रम का भावुक क्षण उस समय देखने को मिला, जब सेवालय संस्था के अध्यक्ष रोहित जोशी ने मंच से सभी समाजसेवियों और दानदाताओं का नाम लेकर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक सहयोगकर्ता के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लोगों ने जिस उदारता और संवेदनशीलता के साथ बच्चों के लिए सहयोग दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

धन्यवाद ज्ञापित करते समय रोहित जोशी भावुक हो गए। उनके संबोधन में बच्चों के प्रति स्नेह और सहयोगकर्ताओं के प्रति गहरी कृतज्ञता झलक रही थी। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही बच्चों को इतनी बड़ी मात्रा में आवश्यक सामग्री और दीपावली के उपहार उपलब्ध हो पाए हैं।

एनजीओ या सरकारी मदद नहीं, समाज के सहयोग से चलता है सेवा अभियान

समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया ने कहा कि यह अभियान किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं, बल्कि समाज के संवेदनशील लोगों की सामूहिक पहल है। इसका उद्देश्य केवल जरूरत का सामान वितरित करना नहीं, बल्कि दिव्यांग और जरूरतमंद बच्चों को प्यार, सम्मान और परिवार जैसा अपनापन देना है।

उन्होंने बताया कि इस सेवा कार्य के पीछे न कोई एनजीओ है और न ही कोई सरकारी आर्थिक सहायता। समाज के लोग अपनी स्वेच्छा से सहयोग करते हैं और टीम के सदस्य पूरी निष्ठा से सामग्री जुटाने से लेकर वितरण तक की जिम्मेदारी निभाते हैं। टीम वर्षभर विभिन्न अवसरों पर जरूरतमंदों और आश्रमों तक पहुंचकर सेवा कार्य करती रहती है।

इन समाजसेवियों और दानदाताओं ने बढ़ाए मदद के हाथ

इस पुनीत कार्य में समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया, वंश गोनिया, मंडी समिति अध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी, मंडी समिति सचिव दिग्विजय सिंह देव, उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका आर्य, अमित रस्तोगी, नवल किशोर कपिल, प्रदीप तिवारी, प्रियंका पांडे, रविंद्र कुमार पांडे, नीरज कुमार, रवि मेहरा, दीपक तिवारी (रेंजर), डॉ. गौरव सिंघल, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. मोहन सती, अशोक कटारिया, प्रत्युष कुमार, भरत खाती, मन्नू शर्मा, मयंक शर्मा, रामरतन पागती एवं रवि शंकर लोशाली सहित अन्य सहयोगकर्ताओं ने योगदान दिया।

हेमंत सिंह गोनिया ने सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए सेवालय संस्था के अध्यक्ष रोहित जोशी और संस्था के सदस्यों को भी कार्यक्रम की सफल व्यवस्था के लिए धन्यवाद दिया।

आप भी बन सकते हैं इन बच्चों की खुशियों का हिस्सा

आयोजकों ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे भी सेवालय आश्रम के बच्चों की मदद के लिए आगे आएं। इच्छुक व्यक्ति सहयोग और अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।

– सेवालय संस्था अध्यक्ष रोहित जोशी: 8171346773
– समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया: 9897213226

यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि समाज में सेवा, संवेदना और मानवीय रिश्तों की भावना आज भी जीवित है। जब समाज एकजुट होकर जरूरतमंदों के साथ खड़ा होता है, तो खुशियां कई गुना बढ़ जाती हैं।

 

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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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