जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश

नैनीताल, 1 अक्टूबर 2026 (सू.वि.)। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय अभिलेखों, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, परिसंपत्तियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण में केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं तथा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के अपेक्षित उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त करीब 17 से 18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला योजना, सांसद निधि और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग की भी जानकारी मांगी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं के प्रस्ताव समयबद्ध रूप से तैयार करने, उनका नियमानुसार क्रियान्वयन करने और उपलब्ध धनराशि का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
नक्शा प्रकरणों की होगी विस्तृत जांच
भवन एवं नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच में कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियों, हस्ताक्षरों, शुल्क जमा होने संबंधी अभिलेखों और रसीदों में कमियां सामने आने की जानकारी दी गई। सीडीओ ने संबंधित प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच पूरी होने तक जेई सहित संबंधित तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डिस्पैच रजिस्टर और पत्रावलियों के रखरखाव पर सवाल
निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता की जानकारी सामने आई। निरीक्षण के समय ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार कनिष्ठ एवं वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित करीब 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय से बाहर हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी भी सामने आई। सीडीओ ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना शासकीय पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कर्मचारियों की उपस्थिति और अवकाश अभिलेखों की होगी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होने से संबंधित शिकायतों एवं अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वर्ष 2026 में कर्मचारियों के सीएल उपभोग से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति एवं अवकाश प्रकरणों की नियमानुसार जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का पुनरीक्षण करने तथा अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
कर वसूली और परिसंपत्तियों की भी समीक्षा
निरीक्षण में जिला पंचायत की कर वसूली की स्थिति तथा संबंधित रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले की भी समीक्षा की गई। लंबित कर की वसूली में तेजी लाने और टैक्स कलेक्शन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के अभिलेखों की भी जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीजों के नवीनीकरण एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण होम स्टे की जांच
जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे से संबंधित प्रकरणों की भी जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका एवं आवश्यकता का भी परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दो घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति और कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण में सामने आए मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य और जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







