जमरानी बांध परियोजना में तेजी के निर्देश, तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
मंत्री सतपाल महाराज ने किया निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण, 57 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ

हल्द्वानी, 4 अक्टूबर। गोला नदी पर निर्माणाधीन बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने परियोजना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
काठगोदाम से करीब 10 किलोमीटर दूर गोला नदी पर निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को क्षेत्र की सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में आवश्यक गति लाने तथा परियोजना के सभी कार्य निर्धारित मानकों और समय-सीमा के अनुरूप पूरा करने को कहा।
57,066 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ
मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, करीब 3,808 करोड़ रुपये की लागत वाली जमरानी बांध परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड के नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों की लगभग 57,066 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र में सिंचाई की उपलब्धता बढ़ने और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हल्द्वानी की पेयजल जरूरतों को भी मिलेगा सहारा
परियोजना से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को भी मजबूती मिलने की बात कही गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
63.4 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य
जमरानी बांध परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 63.4 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन भी प्रस्तावित है। इसके अलावा मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण और नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने में भी परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है।
परियोजना से बनने वाले जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।

निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को परियोजना के निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।







