गांधी जयंती पर सात विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटी खुशियां
करीब 250 बच्चों को चॉकलेट, फ्रूटी, बिस्किट और नमकीन वितरित; समाजसेवियों को मिला प्रशस्ति पत्र

भीमताल, नैनीताल, 02 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर भीमताल क्षेत्र में समाजसेवा की पहल करते हुए समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया के सहयोग से करीब 250 बच्चों के बीच चॉकलेट, फ्रूटी, बिस्किट एवं नमकीन वितरित किए गए। सेवा कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
यह कार्यक्रम राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनिया मेहता, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पनिया मेहता, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिरोड़ी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढूगा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओखलढूगा तथा आंगनबाड़ी केंद्र पनिया मेहता सहित अन्य आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर बच्चों के साथ खुशियां साझा करते हुए समाजसेवियों एवं सहयोगकर्ताओं ने खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। इस सेवा कार्य में हेमंत सिंह गोनिया, नवल किशोर कपिल, वंश गोनिया, दीपचंद तिवारी, अशोक कटारिया, मयंक शर्मा, रवि शंकर लोशाली, गुरदेव सिंह एवं अमित रस्तोगी का सहयोग रहा।
विद्यालय एवं आंगनबाड़ी परिवारों की ओर से सेवा कार्य में सहयोग करने वाले समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने कहा कि बच्चों के बीच किया गया यह सहयोग केवल खाद्य सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान लाने और समाज की जिम्मेदारी निभाने का प्रयास है।
समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया ने बताया कि जरूरतमंद एवं गरीब बच्चों के बीच सेवा का यह सिलसिला केवल गांधी जयंती तक सीमित नहीं है। 26 जनवरी, बाल दिवस, होली, दीपावली और 15 अगस्त सहित विभिन्न अवसरों पर भी बच्चों के बीच इसी प्रकार खुशियां बांटने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस सेवा कार्य के पीछे कोई एनजीओ नहीं है और न ही सरकारी आर्थिक सहायता ली जाती है। समाजसेवियों एवं व्यक्तिगत सहयोगकर्ताओं के सहयोग से सामग्री जुटाकर जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई जाती है।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवारों ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढूगा के प्रधानाचार्य ललित रतन सिंह खम्पा सहित विद्यालय परिवार ने समाजसेवियों के सहयोग की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश देते हुए कहा गया कि जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही समाजसेवा की सार्थकता है।







