उत्तराखंड सरकार की योजनाओं का कैंप, जनता को खबर तक नहीं उत्तराखंड सरकार का कैंप, 500 श्रमिकों को किट बांटी, लेकिन जनता को खबर तक नहीं!

हल्दूचौड़ में श्रमिक कल्याण बोर्ड का आयोजन, कार्यक्रम निपटने के बाद सूचना विभाग की विज्ञप्ति से सामने आई जानकारी
लालकुआं/हल्दूचौड़। उत्तराखंड सरकार की ओर से श्रमिकों के कल्याण के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन इन योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हल्दूचौड़ में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निरमाण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से कैंप आयोजित किया गया, जिसमें 500 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को न्यूट्रीशन एजुकेशन और हाइजिन किट वितरित की गई। विडंबना यह रही कि कैंप की जानकारी आम जनता को पहले से कितनी थी, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
हल्दूचौड़ बैंकट हॉल में आयोजित कैंप का शुभारंभ विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें पोषण, स्वच्छता तथा उत्तराखंड सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
सरकार की योजना, लेकिन जनता को कार्यक्रम की जानकारी क्यों नहीं?
उत्तराखंड सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सरकार श्रमिकों के लिए कैंप आयोजित कर रही है तो उसकी जानकारी कार्यक्रम से पहले व्यापक रूप से जनता और पात्र श्रमिकों तक क्यों नहीं पहुंचती?
कैंप में 500 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को लाभ मिला, लेकिन निर्माण कार्यों से जुड़े ऐसे अनेक श्रमिक भी हो सकते हैं, जो बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं से अभी अनजान हों। यदि उन्हें समय रहते कैंप की जानकारी मिलती तो वे भी इससे जुड़ सकते थे।
कार्यक्रम हो गया, खबर बाद में सामने आई
सबसे अहम बात यह है कि कार्यक्रम संपन्न होने के बाद इसकी जानकारी सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आई। ऐसे में आम लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सरकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रचार कार्यक्रम के बाद क्यों, पहले क्यों नहीं?
सरकारी योजनाओं की सफलता केवल योजनाएं बनाने और कैंप आयोजित करने से नहीं, बल्कि उनकी जानकारी अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचने से होती है। खासकर श्रमिक वर्ग के लिए ग्राम पंचायतों, बाजार क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और श्रमिक बस्तियों में पहले से सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है।
500 श्रमिकों को लाभ, बाकी पात्रों का क्या?
कैंप में 500 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को न्यूट्रीशन एजुकेशन और हाइजिन किट दी गई तथा स्वास्थ्य जांच की गई। यह पहल श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि जो पात्र श्रमिक अभी तक पंजीकृत नहीं हैं या जिन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है, उन्हें भी अभियान से जोड़ा जाए।
उत्तराखंड सरकार से सूचना व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद
श्रमिकों के हित में उत्तराखंड सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी यदि समय से पहले व्यापक रूप से प्रसारित हो, तो अधिक पात्र लोग इनका लाभ उठा सकते हैं। इसलिए जरूरत इस बात की है कि ऐसे कैंपों की सूचना कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जारी विज्ञप्ति तक सीमित न रहे, बल्कि आयोजन से पहले ही गांव-गांव और श्रमिकों तक पहुंचे।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विजय दुमका, सहायक श्रमायुक्त सुनील तिवारी, एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा, श्रम निरीक्षक संजीव कनडारी, विक्की पाठक, क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनी पंत, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, विनोद भट्ट सहित क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
सरकार की योजना जनता के लिए है, तो उसकी सूचना भी जनता तक समय से पहुंचना जरूरी है।







