उत्तराखंड: फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रहे 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त

बागेश्वर में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, रामनगर बोर्ड के सत्यापन में प्रमाणपत्र कूटरचित पाए गए

बागेश्वर, 3 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी कर रहे 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। विभागीय सत्यापन के दौरान संबंधित शिक्षकों के वर्ष 2024 के उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (UTET-I) प्रमाणपत्रों में अनियमितता सामने आई। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर के रिकॉर्ड से मिलान के बाद प्रमाणपत्रों को फर्जी/कूटरचित पाया गया।

रामनगर बोर्ड के रिकॉर्ड से हुआ सत्यापन

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर को भेजे थे। जांच में प्रमाणपत्रों पर दर्ज अंक और रोल नंबर परिषद के मूल अभिलेखों से मेल नहीं खाए। परिषद की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की।

मामला बागेश्वर, कपकोट और कांडा विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रभावित शिक्षकों को विभागीय कार्यवाही के दौरान अपना पक्ष रखने के अवसर भी दिए गए थे।

कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी

सेवा समाप्ति के साथ ही संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में एफआईआर दर्ज होने की अंतिम पुष्टि अभी नहीं है।

नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

इस मामले ने सरकारी शिक्षक भर्ती में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से यह जांच का विषय है कि जिन प्रमाणपत्रों को अब बोर्ड के मूल रिकॉर्ड से असंगत पाया गया, वे नियुक्ति के समय सत्यापन प्रक्रिया से कैसे गुजर गए। संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर आगे जांच होने की संभावना भी रिपोर्टों में व्यक्त की गई है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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