आरटीआई से जमरानी बांध परियोजना के नहर नेटवर्क का खुलासा

हल्द्वानी। जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना से जुड़े आरटीआई दस्तावेजों की पड़ताल में बांध, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के साथ-साथ प्रस्तावित नहर नेटवर्क की भी विस्तृत तस्वीर सामने आई है। दस्तावेजों में गोला वार फीडर कैनाल, तराई फीडर, चकफेरी फीडर, पाहा फीडर और हरिपुरा फीडर समेत विभिन्न नहरों के निर्माण, नवीनीकरण और री-मॉडलिंग का उल्लेख है।

आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गौनिया द्वारा प्राप्त जानकारी में परियोजना के वित्तीय और तकनीकी पक्ष से जुड़े कई आंकड़े सामने आए हैं। उपलब्ध लागत सारांश के अनुसार अकेले गोला वार फीडर कैनाल के विभिन्न हिस्सों के निर्माण, नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त मदों सहित लगभग ₹169.38 करोड़ का प्रावधान दर्ज है।

604.75 करोड़ का स्वीकृत बजट, 522.30 करोड़ खर्च का विवरण

आरटीआई से प्राप्त पूर्व दस्तावेजों में परियोजना के लिए ₹604.75 करोड़ के स्वीकृत बजट, लगभग ₹522.30 करोड़ खर्च और करीब ₹82.45 करोड़ शेष होने का विवरण सामने आया था।

भूमि अधिग्रहण संबंधी अभिलेखों में करीब 49.471 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होने तथा मुआवजा वितरण से जुड़े करोड़ों रुपये के आंकड़े दर्ज हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार तीन वर्षों में मुआवजा वितरण का आंकड़ा लगभग ₹409.77 करोड़ बताया गया है।

बांध से जुड़े नहर नेटवर्क में कई फीडर

उपलब्ध दस्तावेजों में निम्न नहरों और फीडरों का उल्लेख मिलता है—

नहर/फीडर दस्तावेज में दर्ज लंबाई/कार्य
गोला वार मेन नहर लगभग 1.1 किमी री-मॉडलिंग
गोला वार फीडर लगभग 16.3 किमी
पाहा फीडर लगभग 8.42 किमी
हरिपुरा फीडर लगभग 3 किमी कार्य
हरिपुरा फीडर नवीनीकरण लगभग 12.5 किमी
तराई फीडर लगभग 18.566 किमी
चकफेरी फीडर लगभग 2.684 किमी

हालांकि इन सभी आंकड़ों को जोड़कर नहर नेटवर्क की एकल कुल लंबाई निकालना उचित नहीं होगा, क्योंकि कुछ प्रविष्टियां निर्माण, री-मॉडलिंग अथवा नवीनीकरण से संबंधित हैं।

गोला वार फीडर पर करीब ₹169.38 करोड़ का प्रावधान

उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, जमरानी, हल्द्वानी से संबंधित दस्तावेजों में गोला वार फीडर कैनाल के विभिन्न हिस्सों की लागत दर्ज है।

दस्तावेजों के अनुसार—

  • 0–3.5 किमी तथा 11–16.20 किमी हिस्से के सिविल कार्य की लागत करीब ₹72.45 करोड़।
  • 3.5–11.00 किमी हिस्से की सिविल लागत करीब ₹62.51 करोड़।
  • दोनों हिस्सों की कुल सिविल लागत करीब ₹134.96 करोड़।
  • 18 प्रतिशत जीएसटी तथा अन्य निर्धारित मदों को शामिल करने के बाद कुल प्रावधान करीब ₹169.38 करोड़ दिखाई देता है।

लागत सारांश में कंटिजेंसी, विद्युत लाइन/ट्रांसफॉर्मर/वाटर पाइप लाइन तथा ड्रेन, फुटपाथ और अन्य संरचनाओं के लिए भी प्रावधान दर्ज हैं।

नहर में सिर्फ खुदाई नहीं, कई तकनीकी संरचनाएं भी

दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि प्रस्तावित कार्य केवल नहर की खुदाई तक सीमित नहीं है। इसमें कंक्रीट और आरसीसी कार्य, चिनाई, क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, रेगुलेटर, पाइप लाइन, फुटपाथ, ड्रेन और अन्य संरचनात्मक कार्य शामिल हैं।

प्रस्तावित ड्रॉइंग में गोला वार फीडर कैनाल और ललितुआ नहर के क्रॉस-सेक्शन भी दर्शाए गए हैं। तकनीकी सेक्शन में 11 से 14 किमी, 14 से 16 किमी तथा 16 से 16.270 किमी तक के हिस्सों का उल्लेख मिलता है। इससे गोला वार फीडर की तकनीकी लंबाई करीब 16.27 किमी तक दर्ज दिखाई देती है, जो लगभग 16.3 किमी के आंकड़े के अनुरूप है।

पानी आखिर कहां तक पहुंचेगा?

आरटीआई से सामने आए दस्तावेज नहर नेटवर्क की दिशा और प्रस्तावित कार्यों की तस्वीर जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम कमांड एरिया, फीडरवार सिंचाई क्षेत्र और गांववार लाभार्थी क्षेत्र निर्धारित करने के लिए अधिकृत सिंचाई विभाग के कमांड एरिया मैप और संबंधित तकनीकी रिकॉर्ड आवश्यक होंगे।

इसी तरह उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि कोई फीडर उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा के भीतर या बाहर कितनी दूर तक जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकृत मानचित्र की आवश्यकता होगी।

अब उठ रहे हैं ये सवाल

आरटीआई दस्तावेज सामने आने के बाद परियोजना के नहर नेटवर्क को लेकर कई सवाल महत्वपूर्ण हो गए हैं—

• तराई फीडर किन-किन क्षेत्रों तक प्रस्तावित है?
• चकफेरी फीडर का अंतिम सिरा कहां निर्धारित किया गया है?
• गोला वार, पाहा और हरिपुरा फीडर से कितने गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी?
• पूरे नहर नेटवर्क की अनुमानित लागत कितनी है?
• अन्य फीडरों पर कितना व्यय प्रस्तावित है?
• परियोजना का अधिकृत अंतिम कमांड एरिया कितना है?
• परियोजना पूरी होने के बाद कितने हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने का लक्ष्य है?

जमरानी बांध परियोजना की तस्वीर केवल बांध और सुरंग निर्माण तक सीमित नहीं है। उपलब्ध आरटीआई दस्तावेजों में इसके साथ जुड़े विस्तृत नहर एवं फीडर नेटवर्क की योजना भी सामने आती है।

उपलब्ध लागत दस्तावेज के अनुसार अकेले गोला वार फीडर के विभिन्न हिस्सों के लिए करीब ₹134.96 करोड़ की सिविल लागत और अतिरिक्त मदों सहित लगभग ₹169.38 करोड़ का प्रावधान दर्ज है।

अब परियोजना के वास्तविक सिंचाई प्रभाव को स्पष्ट करने के लिए फीडरवार लागत, अधिकृत कमांड एरिया, गांववार सिंचाई क्षेत्र और परियोजना की अंतिम अनुमानित लागत का पूरा आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक होना महत्वपूर्ण होगा।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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