MBBS फर्जी सर्टिफिकेट कांड: ऊधम सिंह नगर बना हॉटस्पॉट, HNB विश्वविद्यालय ने रद्द किए 19 दाखिले

देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए एमबीबीएस सीटों पर दाखिले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हेमवती नंदन बहुगुणा (HNB) चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने अब तक कुल 19 दाखिलों को निरस्त कर दिया है। ताजा आंकड़ों में ऊधम सिंह नगर जिला हॉटस्पॉट के रूप में सामने आया है, जहां से अकेले 12 मामले मिले हैं, यानी कुल मामलों के करीब दो तिहाई मामले इसी जिले से जुड़े हैं। इसके अलावा देहरादून के चार मामले सामने आए हैं, जबकि तीन अन्य मामलों में जांच जारी है।
जांच में सामने आया है कि अभ्यर्थियों ने OBC, EWS, अनुसूचित जाति और अनाथ श्रेणी के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश हासिल किया। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और स्थायी निवास से जुड़े कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर लिए गए दाखिलों का मामला भी सामने आया है।
पूरे प्रकरण की SIT जांच के आदेश दिए गए हैं और SIT ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को निर्देश दिए कि चल रही जांच का दायरा बढ़ाकर अन्य आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जाए। जांच एजेंसी अब इस बात पर केंद्रित है कि फर्जी प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार हुए और इन्हें जारी कराने में किन लोगों की भूमिका रही। मामले में पहले ही मास्टरमाइंड समेत कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 778 से अधिक प्रमाणपत्रों को विस्तृत जांच के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन दाखिलों को निरस्त किया गया है, उनकी जगह मेरिट के आधार पर दूसरे पात्र अभ्यर्थियों को मौका दिया जा रहा है। इधर MBBS दाखिले की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, तीसरे दौर की काउंसलिंग 8 अक्टूबर तक चलेगी, ऐसे में फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच का असर आगे होने वाले सीट आवंटन पर भी पड़ सकता है।








