आम का फल है शक्तिवर्धक

अपनी बीमारी अपना इलाज के आज के क्रम में हम आम के द्वारा रोग और उपचार के बारे में बता रहे हैं क्योंकि आजकल आम का मौसम है इसलिए यह जानकारी आप लोगों को फायदा पहुंचाएगी आम को फलों का राजा भी कहा गया है आम के विषय में सब स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह बात मानते हैं की आम मानव शरीर की अनेक कमजोरी को दूर करता है आम शक्ति वर्धक भी है और मानव शरीर में नया खून पैदा करने वाले इस आम के गुण पर एक नजर हम डाल देते हैं.
1. मानव दुर्बलता ऐसे रोगियों को आम का प्रयोग किस प्रकार से करना चाहिए आम के मौसम में मीठे आम का रस सुबह शाम दोनों समय एक-एक गिलास पीते रहें इससे शरीर की खोई हुई शक्ति पूरी तरह से वापस आ जाएगी.
2. दस्त या पेचिश लगने पर आम की गुठली को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें फिर उसे कूट पीसकर चूर्ण बना लें उसको पानी में भिगोकर रोगी की नाभि पहले लेप कर दे यह लेप दिन में तीन से चार बार करने से पेचिस आनी बंद हो जाएगी.
3. दस्त और बवासीर में मीठे आम का रस आधा गिलास गाय के दूध का ताजा दही 50 ग्राम और अदरक का रस एक ग्राम इन सबको मिलाकर रोगी को दिन में तीन से चार बार प्रयोग करने से कुछ दिनों में दस्त और बवासीर से मुक्ति मिल जाती है.
4. अगर किसी को खूनी पेचिश है तो आम की गुठली को सुखाकर उसे पीसकर बारीक कपड़े से छान ले फिर एक बड़ा चम्मच छाछ का मिलाकर के पीए दिन में तीन चार बार लेने से और रोगी को दिन 7 दिन तक पिलाने पर यह रोग सही हो जाता है.
5. मधुमेह में आम और जामुन का रस बराबर मात्रा में लेकर मधुमेह रोगी को निरंतर एक माह तक पिलाने से रोग ठीक हो जाता है यदि चाहे तो इसे और भी आगे तक सेवन कर सकते हैं.
6. जिन लोगों को गुर्दे की कमजोरी होती है उन्हें खाना खाते समय ढाई सौ ग्राम मीठे आम खाने चाहिए या उन्हें चूस कर लेना चाहिए कुछ समय सेवन करने से गुर्दों में शक्ति आ जाती है.
7. आम खाने से आंखों का लाल होना तथा उसके अंदर के अनेक रोग ठीक हो जाते हैं नजर कमजोर हो तो तेज हो जाती है.
8. पायरिया रोगियों के लिए आम की गुठली की गिरी का चूर्ण बनाकर सुबह उठते ही दांतों पर मलने से पायरिया रोगों से भी मुक्ति मिलती है.
(यह सभी जानकारियां आयुर्वेद की किताबों में वर्णित है.)







