आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाना पड़ा भारी, पार्षद राजेंद्र सिंह जीना का निर्वाचन निरस्त कोर्ट ने सीट को रिक्त घोषित किया, तीन माह में पुनः चुनाव कराने के निर्देश

नैनीताल। नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने हल्द्वानी नगर निगम के तल्ली बमौरी वार्ड से निर्वाचित पार्षद राजेंद्र सिंह जीना के निर्वाचन को निरस्त कर दिया है। अदालत ने उनके नामांकन पत्र के साथ आपराधिक मुकदमों की जानकारी प्रस्तुत न करने को भ्रष्ट आचरण मानते हुए निर्वाचन को अवैध ठहराया और संबंधित सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाना निर्वाचन कानूनों और पारदर्शिता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। न्यायालय ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए पार्षद पद पर उनके निर्वाचन को रद्द करने का आदेश दिया।
फैसले के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन माह के भीतर तल्ली बमौरी वार्ड में पुनः चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराएं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन निरस्त होने के बाद यह सीट रिक्त मानी जाएगी और मतदाताओं को नया प्रतिनिधि चुनने का अवसर दिया जाएगा।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राजेंद्र सिंह जीना को आगामी उपचुनाव में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। अदालत के इस आदेश के बाद संबंधित वार्ड में नए चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
इस फैसले को स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और प्रत्याशियों द्वारा सही जानकारी उपलब्ध कराने की अनिवार्यता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के आदेश के बाद अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर हैं, जो निर्धारित समयसीमा के भीतर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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