ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में ‘प्रज्ञान 2.0’ का भव्य समापन

हल्द्वानी। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित दो दिवसीय वार्षिक मैनेजमेंट फेस्ट ‘प्रज्ञान 2.0’ का भव्य समापन उत्साह और उल्लास के बीच हुआ। इस आयोजन ने छात्रों की प्रबंधकीय क्षमता को नई दिशा देने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को भी सशक्त मंच प्रदान किया। पूरे फेस्ट के दौरान कैंपस में ऊर्जा, नवाचार और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. एम.सी. लोहानी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ‘प्रज्ञान 2.0’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबों के ज्ञान से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों को टीम वर्क, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि कुशल नेतृत्वकर्ता तैयार करना है।
पहले दिन बौद्धिक कौशल की परख
फेस्ट के पहले दिन विभिन्न बौद्धिक और विश्लेषणात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ‘द भारत ब्लूप्रिंट’ मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें “आधार से संभावनाओं तक: ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया” विषय पर प्रतिभागियों ने राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण से जुड़े अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों—श्री निखिलेश शांडिल्य, डॉ. पंकज तिवारी, श्री पवित्र जोशी, सुश्री मुक्ता टंडन और श्री राजेश गौतम—ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
इसके अलावा ‘माइंडमास्टर्स’ में छात्रों की तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को परखा गया, जबकि ‘स्टारस्ट्रक’ मंच पर छात्र कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दूसरे दिन रचनात्मकता और उत्साह का संगम
फेस्ट के दूसरे दिन माहौल और भी जीवंत नजर आया। ‘बीट फ्यूजन’ ने अपनी ऊर्जा और लय से पूरे कैंपस को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं ‘लोगो मेनिया’ में छात्रों ने अपनी ब्रांडिंग और डिजाइनिंग क्षमता का प्रदर्शन किया।
‘स्टॉक स्टॉर्म’ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सिमुलेटेड ट्रेडिंग के जरिए बाजार की जटिलताओं को समझते हुए अपनी रणनीतिक सोच का परिचय दिया। ‘इनफ्लेक्शन’ के माध्यम से छात्रों ने विजुअल स्टोरीटेलिंग और नवाचार की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
टीम वर्क और नेतृत्व का सशक्त मंच
पूरे आयोजन ने छात्रों में टीम वर्क, नेतृत्व और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल संचालन में समन्वयकों डॉ. पवनदीप सिंह, डॉ. उदित पांडे और सुश्री मृणालिनी कक्कड़ का विशेष योगदान रहा।
इसके साथ ही छात्र समन्वयकों तरमन कौर बुमराह, सृष्टि भट्ट, आमना आदिल, दिव्या ढपोला और यश बोरा के समर्पण और नेतृत्व ने ‘प्रज्ञान 2.0’ को एक यादगार और सफल आयोजन बना दिया।
समापन के साथ ही विश्वविद्यालय ने समग्र शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया।







