हरीश रावत की यात्रा पर तिवारी ने कांग्रेस को घेरा बोले- कांग्रेस में कौन तय कर रहा राजनीतिक दिशा, संगठन और नेताओं के बीच समन्वय पर उठाए सवाल

हल्द्वानी, 7 अक्टूबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में संगठन और वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया कि आखिर उत्तराखंड में कांग्रेस की राजनीतिक दिशा कौन तय कर रहा है।
तिवारी ने कहा कि एक ओर हरीश रावत अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे हैं, दूसरी ओर पार्टी हाईकमान के निर्देश सामने आ रहे हैं और प्रदेश के अलग-अलग नेता अपने स्तर पर कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की एकजुटता और संगठन की स्पष्ट कमान को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यात्रा को लेकर पत्राचार पर सवाल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हरीश रावत की यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर पत्राचार की स्थिति सामने आना संगठनात्मक मतभेदों को उजागर करता है। उनके अनुसार, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की ओर से यात्रा को लेकर प्रदेश नेतृत्व से चर्चा नहीं होने पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बावजूद पांच अक्टूबर को जसपुर से यात्रा शुरू हुई और इसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
तिवारी ने सवाल उठाया कि यदि पार्टी नेतृत्व को यात्रा के स्वरूप या आयोजन को लेकर आपत्ति थी तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसमें किस आधार पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी में महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों का निर्णय किस स्तर पर होता है।
‘उत्तराखंड कांग्रेस कौन चला रहा है?’
तिवारी ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया कि उत्तराखंड कांग्रेस में संगठन की एक स्पष्ट कमान दिखाई क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं की अलग-अलग राजनीतिक गतिविधियों से ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी के भीतर राजनीतिक दिशा को लेकर मतभेद हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश में राजनीतिक कार्यक्रम संगठन तय करता है या वरिष्ठ नेता अपने स्तर पर निर्णय लेते हैं। तिवारी ने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के सामने पार्टी को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
पिथौरागढ़ सम्मेलन का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने पिथौरागढ़ में हुए ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक मयूख महर को लेकर विवाद सामने आया था। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में हुए घटनाक्रम ने भी कांग्रेस के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक किया।
तिवारी ने कहा कि जिस मंच से कांग्रेस को एकजुटता और बदलाव का संदेश देना था, वहां पार्टी के नेताओं के बीच विवाद चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने इसे कांग्रेस के संगठनात्मक समन्वय पर सवाल खड़े करने वाला घटनाक्रम बताया।
2022 के विवादों का भी हवाला
तिवारी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान रामनगर सीट को लेकर हरीश रावत और रणजीत रावत के बीच सामने आए मतभेदों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद कोई नई बात नहीं है और चुनाव के दौरान भी यह सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि पुराने मतभेदों से सबक लेते हुए संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
पुराने राजनीतिक मतभेदों का भी उल्लेख
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए हरीश रावत और पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बीच रहे राजनीतिक मतभेदों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान का सिलसिला पुराना रहा है और समय-समय पर यह मतभेद सार्वजनिक होते रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पर सवाल
तिवारी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से यात्रा को लेकर आपत्ति जताए जाने के बावजूद हरीश रावत की यात्रा शुरू हुई और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके साथ नजर आए। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राजनीतिक रुख होने का संदेश जाता है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि यदि यात्रा को लेकर संगठन स्तर पर सहमति नहीं थी तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की इसमें भागीदारी को किस रूप में देखा जाए।
‘पहले संगठन में स्पष्टता लाए कांग्रेस’
तिवारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक समन्वय महत्वपूर्ण होता है। कांग्रेस को पहले अपने संगठन के भीतर स्पष्टता लानी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि राजनीतिक कार्यक्रमों और पार्टी की दिशा का फैसला किस स्तर पर होगा।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा और उसे लेकर सामने आए घटनाक्रमों ने कांग्रेस के संगठनात्मक समन्वय पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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