नंदा-सुनंदा महोत्सव में नैनीताल पुलिस की मानवीय पहल, रोती हुई 10 वर्षीय बच्ची को अपनों से मिलाया
मेले में बिछड़ी बच्ची को पुलिस कंट्रोल रूम ने कुछ ही समय में खोज निकाला, नाना-नानी को सौंपा

नैनीताल। माँ नंदा-सुनंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस ने कानून-व्यवस्था संभालने के साथ एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। मेले की भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ी 10 वर्षीय बच्ची कमला को पुलिस ने सकुशल उसके नाना-नानी से मिलवा दिया।
महोत्सव के दौरान एक महिला को बच्ची अकेली और रोती हुई मिली। बच्ची से जानकारी लेने के बाद महिला उसे तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंची और पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस कंट्रोल रूम की ओर से लगातार अनाउंसमेंट कराया गया। पुलिस की तत्परता और लगातार प्रयासों का परिणाम रहा कि कुछ ही समय बाद बच्ची के नाना-नानी, निवासी विद्या, हल्द्वानी, पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच गए।
पुलिस द्वारा आवश्यक पूछताछ एवं पहचान का सत्यापन किया गया। परिजनों ने बच्ची की पहचान के लिए आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया, जिसके बाद आवश्यक सत्यापन पूर्ण होने पर बच्ची को सकुशल उसके नाना-नानी के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्ची को सुरक्षित पाकर परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने नैनीताल पुलिस एवं पुलिस कंट्रोल रूम की टीम का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
🙏 पुलिस की अपील—मेले में बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
नैनीताल पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों का हाथ थामे रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। साथ ही बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
यदि मेले या किसी अन्य भीड़भाड़ वाले स्थान पर कोई व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ जाता है तो तत्काल निकटतम पुलिसकर्मी, पुलिस सहायता केंद्र अथवा पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
एक छोटी सी सावधानी, अपनों को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।







